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जागरूकता और सूझबूझ की ढाल, उजगल में कोरोना निढाल

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अल्मोड़ा। जागरूकता और ग्रामीणों की सूझबूझ से जिला मुख्यालय का सुदूर ग्राम उजगल कोरोना मुक्त है। 250 की आबादी वाले हवालबाग ब्लॉक के इस गांव में एक भी कोरोना संक्रमित नहीं हैं। समय-समय पर सैनिटाइजेशन और लोगों को जागरूक करने से यह गांव संक्रमण की चपेट में आने से बचा है। बाहर से आने वाले भी कोरोना जांच की निगेटिव रिपोर्ट लाने के बाद स्वेच्छा से होम क्वारंटीन हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शादी समारोह में भी यहां कम से कम लोग शामिल हो रहे हैं। बच्चों को भीड़-भाड़ से पूरी तरह दूर रखा जा रहा है।
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हल्के लक्षण होने पर स्वास्थ्य विभाग से शिविर लगाने की कर रहे मांग
अल्मोड़ा। मुख्य मोटरमार्ग से दूर होने के कारण गांव में अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंच पाई है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दर्शन भंडारी ने बताया कि बीते दिनों गांव में कुछ लोगों को सर्दी-जुकाम, बुखार था लेकिन यहां जांच टीम नहीं पहुंची। हालांकि बाद में लोग स्वस्थ हो गए। ग्रामीण हिमांशु सिंह भंडारी का कहना है कि अब भी इक्का-दुक्का मरीजों को हल्का बुखार है। हालांकि गांव में अब तक एक भी संक्रमित नहीं निकला है, जो लोग बाहर से कोरोना की आरटीपीसीआर निगेटिव जांच रिपोर्ट लेकर अए भी हैं तो वह खुद क्वारंटीन हैं।
गांव में समय-समय पर सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। लोगों को साफ-सफाई के लिए भी जागरूक किया गया। बाहरी राज्यों से आने वाले लोग होम क्वारंटीन हो रहे हैं। विवाह समारोह में कम से कम लोग शामिल हो रहे हैं। - ममता भंडारी, ग्राम प्रधान उजगल।
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कोरोना की जंग में जागरूकता बहुत जरूरी है। जागरूकता के साथ ही हमने कोरोना से डटकर मुकाबला किया है। समय-समय पर गांव को सैनिटाइज किया जा रहा है। कुछ लोगों को सर्दी-जुकाम है, जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग से शिविर लगाने की मांग की जा रही है। -दर्शन सिंह भंडारी।
गांव में होने वाले सामाजिक और धार्मिक कार्यों में गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। शादी समारोह आदि से बच्चों को दूर रख कम से कम लोग ही शामिल हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग गांव में शिविर लगाकर जांच करेगे तो अन्य समस्या भी दूर हो जाएगी। -चतुर सिंह भंडारी, उप प्रधान।
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ग्रामीण काफी जागरूक हैं। उन्हीं की जागरूकता और समझदारी से गांव अब तक कोरोना मुक्त है। प्रशासन को पिछली बार की तरह ही प्रवासियों को क्वारंटीन करने की व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे आगे भी गांव संक्रमण से बचा रहे। -रमेश सिंह भंडारी, भूतपूर्व कैप्टन।
दिल्ली रेलवे में नौकरी करता हूं। परिवार में शादी थी, जिसकी वजह से आना जरूरी था। बीते आठ मई को कोरोना की आरटीपीसीआर निगेटिव जांच लेकर आया। उसके बाद भी सप्ताह भर तक घर में क्वारंटीन रहा। प्रशासन को भी इसकी व्यवस्था करनी चाहिए। - नंदन सिंह भंडारी।
गांव कोरोना मुक्त है, इस बात की हमें खुशी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसके लिए गांव में अब भी शिविर लगाने की जरूरत है। खुद को और अपने परिवार को संक्रमण से बचाने के लिए हम हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। कोरोना से जंग में जागरूकता जरूरी है। - प्रताप सिंह भंडारी।
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