प्रशासन और विभागीय अफसरों के आश्वासन के बाद भौंरा, डढुली, धरमगांव के ग्रामीणों का पानी की समस्या को लेकर तीन दिन से चल रहा आंदोलन फिलहाल खत्म हो गया है। अधिकारियों ने 25 फरवरी तक पाइप लाइन बदलकर नियमित रूप से पानी की आपूर्ति का आश्वासन दिया है। आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि निर्धारित समय तक आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो आफिसों में तालाबंदी के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मंगलवार को जल निगम, जल संस्थान के अफसर और तहसीलदार धनी राम आंदोलनकारियों को मनाने पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना था कि गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति होने के बाद ही आंदोलन खत्म होगा। इस दौरान अधिकारियों के मान मनौव्वल बाद में तय हुआ कि जल निगम 18 सौ मीटर पाइप लाइन 19 फरवरी तक बदल देगा। 25 फरवरी तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी, इसके अलावा न्यूनतम 10 घंटा रोजाना पानी की सप्लाई होगी। गगास पंपिंग योजना का 25 प्रतिशत पानी भी ग्रामीणों को दिया जाएगा।
अफसरों ने वीसीटी केईटी पेयजल योजना के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी अतिशीघ्र शासन स्तर से स्वीकृत करा लेने की बात कही। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया। मालूम हो कि वीसीटी केईटी पेयजल पंपिंग योजना से भौंरा, डढुली, धरमगांव को भी पानी की आपूर्ति होती है। वार्ता के दौरान पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता केएस खाती, जल निगम यांत्रिकी शाखा की एई भारती शाही, जेई पवन जोशी, प्रधान दीपा मठपाल, तारा बजेठा, तहसीलदार धनी राम, मनोज अधिकारी, कैलाश मठपाल, मुन्नी मठपाल, भावना मठपाल, नारायण सिंह अधिकारी, नंदन सिंह, गोपाल सिंह, बसंत भट्ट, ममता मठपाल, लता मठपाल, भगवती पांडे, ब्रजमोहन, प्रकाश मठपाल आदि मौजूद थे।