शहर में बिजली के कई पोल जंग लगने से हादसों का सबब बने हैं। वहीं मालरोड से बद्रेश्वर मंदिर को जाने वाले पैदल मार्ग के समीप बिजली विभाग ने पोल खड़े करने के लिए दो गड्ढे खोदे हैं, कई दिन बाद भी न तो पोल लगाए गए हैं और न ही गड्ढोें को भरा गया है।
प्रदेश सरकार पुराने जीर्णशीर्ण पोलों को बदलने के लिए बिजली विभाग को प्रतिवर्ष बजट अवमुक्त करती है। लेकिन नगर क्षेत्र में ही कई स्थानों पर बिजली के पोल जीर्णशीर्ण स्थिति में हैं, इनसे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। मालरोड से टैक्सी स्टैंड को जाने वाली सीढ़ियों के किनारे बिजली के पोल में जंग लगने से इसमें छेद हो गया है। इसे नहीं बदला गया तो यह गिर सकता है। बंसल गली में भी पोल पर जंग लगा है। मालरोड से बद्रेश्वर मंदिर को जाने वाली सीढ़ियों के समीप पोल लगाने के लिए दो गड्ढे खोदे गए हैं, लेकिन महीनों बाद भी पोल खड़े नहीं किए गए हैं और न ही गड्ढों को भरा गया है। इस स्थान पर भी दुर्घटना की आशंका बनी है।
अधिशासी अभियंता राकेश सिंह का कहना है कि शहर में बिजली लाइन का सुधारने का काम चल रहा है। जीर्णशीर्ण पोलों को शीघ्र बदला जाएगा।
रानीधारा मार्ग में दो खंभे गिरने की स्थिति में
अल्मोड़ा। धार की तूनी और एलआर साह सड़क को जोड़ने वाले रानीधारा मार्ग में एक सप्ताह से दीवार क्षतिग्रस्त है। इसमें बिजली के दो पोल धंस गए हैं और गिरने की स्थिति में हैं। इनसे हादसे का खतरा बना हुआ है। वहीं इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। यहीं से एडम्स पंप हाउस के लिए मुख्य पाइप लाइन भी जाती है, जल्द दीवार ठीक नहीं की गई तो पानी की लाइन क्षतिग्रस्त हो सकती है और खतरा बना हुआ है।