अल्मोड़ा। उत्तराखंड किसान सभा ने बाघ, बंदर, सुअर और भालू समेत जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने जंगली जानवरों से निजात दिलाने की मांग को लेकर सीएम को ज्ञापन भेजा।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में सुअर और बंदर फसल चौपट कर रहे हैं। सुअरों को मारने की अनुमति है पर प्रक्रिया जटिल है। वहीं, बंदर ग्रामीण और शहरी जनजीवन को प्रभावित कर रहे हैं। हाथी और नीलगाय मैदानी क्षेत्रों में फसलों को रौंद रहे हैं। उन्होंने कहा कि काश्तकारों को दिया जाने वाला मुआवजा भी काफी कम है। सभा ने मुख्यमंत्री से नुकसान का पूरा मुआवजा देने की मांग की है। इसके अलावा जंगली जानवरों से हुई जनहानि की भरपाई के लिए मोटर दुर्घटना प्रतिकर की तर्ज पर कानून बनाने, सुअरों को मारने की अनुमति प्रक्रिया सरल करने, बंदरों पर अंकुश लगाने को बंदर बाड़े बनाने और लावारिस पशुओं को हटाने के लिए कारगर कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सभा के जिला संयोजक राजेंद्र प्रसाद जोशी, जिला सचिव दिनेश पांडे, सुरेंद्र सिंह अधिकारी, नंदा बल्लभ जोशी, शंकर लाल, जीवन डांगी, मोहन पांडे, गोपाल सिंह आदि हैं।