भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। मरचूला-भिकियासैंण मोटर मार्ग का निर्माण नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को भिकियासैंण बाजार में जुलूस निकाला और तहसील में नारेबाजी कर धरना दिया। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू नहीं होने पर देहरादूून में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
मरचूला-भिकियासैंण मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर पिछले 38 दिनों से चल रहे आंदोलन के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से आंदोलनकारियों के तेवर तल्ख हो गए हैं। आंदोलनकारियों ने शनिवार को भिकियासैंण बाजार में जुलूस निकाल कर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसील प्रांगण में धरने पर बैठ गए। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि रामगंगा घाटी के छह दर्जन ग्राम पंचायतें आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। वर्ष 2004 में 40 किमी सड़क कागजों में स्वीकृत कर दी गई लेकिन धरातल पर आज तक काम नहीं हुआ।
आंदोलन के संयोजक राकेश नाथ गोस्वामी ने मांग शीघ्र पूरी नहीं होने पर देहरादून में आंदोलन करने की चेतावनी दी। जुलूस और सभा में जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह राव, हंसा नेगी, राकेश नाथ, हरी राम आर्य, पुष्कर पाल, डा. मोहन काला, कैलाश कांडपाल, प्रकाश चंद्र, बागी नाथ, मोहन सिंह, पूरन सिंह, खीम सिंह, सुंदर सिंह, बसंती देवी, हंसी देवी, राधा, कमला, धर्मा देवी, ज्योति, रूपा आदि शामिल थे। बाद में आंदोलनकारियों ने तहसीलदार राधे राम के माध्यम से सीएम हरीश रावत को ज्ञापन भेजा।
कृषि कार्य छोड़कर महिलाएं भी आंदोलन में उतरी
भिकियासैंण। पर्वतीय क्षेत्र में असौज के महीने में कृषि कार्य चरम पर है लेकिन रामगंगा घाटी की सैकड़ों महिलाएं कृषि कार्य को छोड़कर सड़क की मांग को लेकर सड़क पर उतर गई हैं। मातृ शक्ति के तेवर तल्ख हो गए हैं। उन्होंने सड़क बनने पर ही आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया है। सड़क की मांग को लेकर कई महिलाएं आठ से 20 किमी की पैदल दूरी तय कर यहां भिकियासैंण पहुंच कर आंदोलन में हिस्सा ले रही हैं। महिलाओं में सड़क नहीं बनने से इतनी नाराजगी है कि वह हर हाल में सड़क निर्माण का कार्य शुरू होने पर ही आंदोलन खत्म करने की बात कहती हैं। आंदोलन में हिस्सा ले रही ज्योति, गीता का कहना है कि सड़क विकास की मुख्य धारा है। आजादी के छह दशक बीत जाने के बाद भी आज तक सड़क नहीं बन सकी जो सरकारी तंत्र की बेरुखी को उजागर करता है। बोली, अब तो महिलाएं आंदोलन में पूर्ण भागीदारी कर सड़क निर्माण करवा कर ही दम लेंगी।