रानीखेत (अल्मोड़ा)। अल्मोड़ा और गगास को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की बदहाली ने पर्यटन नगरी की छवि धूमिल कर दी है। दो साल पूर्व हल्द्वानी की एक कंपनी को विभाग ने पूर्व में घटिया कार्य के लिए सस्पेंड कर भारी भरकम पेनल्टी तो ठोक दी लेकिन सड़कों में डामरीकरण नहीं किया। तब से दोनों सड़कें दुर्घटनाओं का सबब बनी हुई है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता दिनेश तिवारी ने जनता की गाड़ी कमाई का दुरुपयोग बताते हुए जनप्रतिनिधियों और नौकरशाहों को कठघरे में खड़ा किया है। ढाई साल पूर्व एनएच विभाग ने अल्मोड़ा और गगास मोटर मार्ग से ब्रिटिश शासनकाल के डामर को उखाड़कर कर नए सिरे से डामरीकरण की योजना बनाई। दोनों मार्गों के लिए सात करोड़ रुपए मंजूर हुए। डामरीकरण का जिम्मा हल्द्वानी की एक कंपनी को सौंपा गया। लेकिन घटिया कार्य होने के कारण विभाग ने कंपनी पर 80 लाख रुपए की पेनल्टी ठोक दी लेकिन मार्ग डामरीकरण की बाट जोहते रहे। इस बीच मोटर मार्गों की सुरक्षा दीवारों के पत्थर, रेता, बजरी भी गायब होती रही। बदहाल मार्गों के कारण अब तक छह से अधिक दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो चुके हैं। बरसात में बुरा हाल है। कांग्रस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता दिनेश तिवारी का कहना है कि धन की बंदरबांट के चक्कर में राजनेताओं, नौकरशाहों ने मिलकर मार्ग को बदहाल बना दिया। सांसद, विधायक सहित पक्ष, विपक्ष, नौकरशाह इन्हीं मार्गों से होकर गुजरते हैं, लेकिन मार्ग को ठीक नहीं हो सका है। बड़ी संख्या में जनधन की लूट हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत को पत्र भेजकर इस मामले का संज्ञान लेने की मांग भी की है। एनएच ने केंद्र को फिर भेजा 16 करोड़ रुपए का प्रस्ताव
रानीखेत। एनएच विभाग के सहायक अभियंता एनएस नेगी ने बताया कि डामरीकरण के लिए फिर से केंद्र सरकार को 16 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। पूर्व में स्वीकृत सात करोड़ में से चार करोड़ रुपए शेष बचा है। राज्य सरकार की तरफ से भी 1.65 लाख रुपए मिले हैं। दोनों मार्गों की दशा इस साल सुधरने की उम्मीद है।