अल्मोड़ा। जून में हुई भारी बरिश से जिले में क्षतिग्रस्त अधिकांश नहरें और लिफ्ट पेयजल योजनाएं अब तक दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। बारिश से बह गए तटबंधों के स्थान पर नए तटबंध भी नहीं बने हैं। हालांकि विभाग ने इन नहरों को आंशिक रूप से चालू कर रखा है, लेकिन नहरों में रिसाव के चलते अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे ग्रामीण इलाकों में सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विभाग को क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत के लिए 3.43 करोड़ के सापेक्ष मात्र 1.38 करोड़ ही मिले हैं।
जिले के तीन सिंचाई खंडों में कुल 6797 हेक्टेयर सिंचिंत क्षेत्र है। कुमाऊं सिंचाई खंड अल्मोड़ा के हवालबाग, भैंसियाछाना, धौलादेवी, लमगड़ा, ताकुला ब्लाक में 117 सिंचाई नहरें हैं। जून में हुई भारी बारिश से 76 नहरें और उनके हेड क्षतिग्रस्त हो गए थे। इनमें से विभाग ने अपने संसाधनों से 29 नहरों को आंशिक रूप से ठीक कर पानी चालू करवा दिया था। 47 क्षतिग्रस्त नहरों को ठीक करने के लिए विभाग ने 1.20 करोड़ की मांग की थी लेकिन विभाग को 13 नहरों को सुधारने को अक्तूबर में 43.01 लाख रुपये मिले हैं।
रानीखेत खंड ने 58 नहरों के सुधार को 1.92 करोड़ का आंकलन बनाकर सरकार को भेजा था, लेकिन विभाग को नौ योजनाओं के लिए 64.71 लाख रुपये ही मिले हैं, जबकि लघु सिंचाई खंड की 11 लिफ्ट योजनाएं भी ध्वस्त हुई और विभाग को करीब 31 लाख की क्षति पहुंची। सुधार के लिए लघु सिंचाई खंड को शासन से 30.41 लाख रुपये मिले हैं। इधर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन सिंघल ने बताया कि अल्मोड़ा खंड में 43.01 लाख से 13 नहरों का सुधार कार्य प्रगति पर है। अवशेष धनराशि मिलने पर अन्य क्षतिग्रस्त योजनाओं को भी दुरुस्त किया जाएगा।