रानीखेत। चौकुनी में विकुज डवलपर्स कंपनी द्वारा जमीन घेरने और हरे पेड़ों पर आरी चलाने के मामले के बाद अब प्रशासन मुस्तैद हो गया है। क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी सरकारी जमीन घेरे बैठे लोगों के खिलाफ अब शीघ्र अभियान चलेगा। दूसरी तरफ चौकुनी में कंपनी कर्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होेने के बाद कानूनगो के नेतृत्व में गठित स्पेशल टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को वन पंचायत की जमीन पर हुए अवैध कब्जे को मुक्त कराया जाएगा। उदर जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता का कहना है कि मामले की जांच चल रही है, जोभी दोषी पाया जाएगा, उस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
मालूम हो कि चौकुनी में ग्रामीणों ने बुधवार को कंपनी पर गांव में हरियाली योजना में लगाए गए हरे पेड़ काटने का आरोप लगाया था। साथ ही सरकारी और ग्रामीणों की भूमि हथियाने की भी शिकायत की थी। मौके पर पहुंचे प्रशासन और वन विभाग ने चीड़, मेहल, खड़िक सहित कुल 51 पेड़ कटे होने की पुष्टि की थी। इसके बाद गत दिवस ग्रामीणोें की तरफ से कंपनी कर्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। प्रशासन ने कानूनगो अर्जुन टम्टा के नेतृत्व में स्पेशल जांच टीम गठित की। तहसीलदार धनी राम ने बताया कि वन पंचायत की 10 नाली भूमि पर अवैध कब्जा भी किया गया है। कानूनगो अर्जुन लाल टम्टा ने बताया कि सोमवार को संयुक्त मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में वन और राजस्व कर्मचारी अवैध कब्जे को को वन पंचायत सरपंच के हवाले कर देगी। संयुक्त मजिस्ट्रेट रवि झा ने बताया कि मिशन चौकुनी निपटने के बाद क्षेत्र में कहां किसने कितनी सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, उसकी जांच होगी। वन क्षेत्राधिकारी दीवानी राम का कहना है कि राजस्व विभाग से किस भूमि पर कितने पेड़ कटे हैं, उनकी सूचना के बाद ही चालान काटने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
देवभूमि क्रांति मंच की बैठक आज
रानीखेत। पर्वतीय क्षेत्र में जमीन की लगातार बढ़ती खरीद फरोख्त, अवैध कटान सहित तमाम मसलों को लेकर देवभूमि क्रांति मंच ने संघर्ष की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चंद्र जोशी ने बताया कि इस मसले पर कल 15 दिसंबर को गांधी चौक पर बैठक होगी।