रानीखेत। संयुक्त मजिस्ट्रेट रवि झा ने कहा है कि नगर और कई ग्रामीण क्षेत्रों में लॉटरी अधिनियम का उल्लंघन किए जाने की शिकायत मिल रही है। उन्होंने कहा कि लॉटरी बेचने, खरीदने पर आरोपी को कम से कम दो साल के कठोर कारावास के साथ ही अर्थदंड भी भुगतना पड़ता है। इधर गत दिनों स्टॉल लगाकर कूपन बेचने वाले आयोजकों ने बिके कूपनों की धनराशि तहसील में जमा करा दी है।
गत दिनों दीपावली पर यहां नगर में खुलेआम स्टॉल लगाकर ईनामी कूपन बेच रहे आयोजक के कूपनों को प्रशासन ने जब्त कर लिया था और आयोजकों से बिक चुके टिकटों की धनराशि ग्राहकों को लौटाने की हिदायत दी थी। ऐसा नहीं करने पर मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी गई थी। तहसीलदार धनी राम ने बताया कि आयोजक ने अभी तक बेचे गए कूपनों की 98 हजार की धनराशि तहसील में जमा करा दी है। उन्होंने ग्राहकों से कूपन नंबर दिखाकर धनराशि वापस ले जाने की अपील की है। इधर आज संयुक्त मजिस्ट्रेट रवि झा ने कहा कि कई क्षेत्रों से लॉटरी अधिनियम 1998 का खुला उल्लंघन किए जाने की शिकायतें मिल रही है। पकड़े जाने पर दोषी को कम से कम दो साल की सजा और भारी अर्थदंड भुगतना होता है। उन्हाेंने इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने और आम लोगों से इस तरह के आयोजनों में भाग नहीं लेने की अपील की है।