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झुलसे पेड़ों का कटान एक साल के लिए बंद

Wed, 28 Nov 2012 12:00 PM IST
Almora
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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा वन प्रभाग के शीतलाखेत अनुभाग के जंगल में पिछले वर्ष आग से झुलसे चौड़ी पत्ती के पेड़ों का कटान एक वर्ष के लिए प्रतिबंधित रहेगा। स्याही देवी विकास समिति और वन विभाग के तत्वावधान में गड़स्यारी और सूरी गांव में हुई गोष्ठियों में ग्रामीणों ने इस पर सहमति जताई। निर्णय लिया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति इन पेड़ों को काटता है उसके खिलाफ वन अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
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गोष्ठियों में पिछले वर्ष आग से झुलसे चौड़ी पत्ती के पेड़ों का कटान रोकने और आगामी फायर सीजन में जंगलों को बचाने के लिए ग्रामीणों ने सुझाव रखे। महिलाओं की जंगलों पर निर्भरता खत्म करने के लिए गैस सिलेंडर और लोहे के हल उपलब्ध कराने की मांग की गई। समिति के अध्यक्ष हरीश सिंह बिष्ट ने जल, जंगल को बचाने के लिए समिति द्वारा लोहे के हल वितरित करने के संबंध में जानकारी दी। गजेंद्र पाठक और तारा सिंह परिहार ने कहा कि जंगलों को आग से बचाना होगा अन्यथा भविष्य में इसके घातक दुष्परिणाम सामने आएंगे।
अध्यक्षता करते हुए शीतलाखेत अनुभाग के वन दरोगा रवींद्र सिंह मेहता ने कहा कि कंडों का वैकल्पिक ईंधन के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई स्थानीय ग्रामीण आरक्षित वन क्षेत्र और अन्य जंगलों से हक-हकूक की लकड़ी प्राप्त करता है तो उसका कर्तव्य है कि वह फायर सीजन में जंगलों को बचाने में सहयोग दे। यदि संबंधित व्यक्ति सहयोग नहीं देता है तो उसे व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत हक-हकूक से वंचित किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से फायर सीजन में जंगलों को आग से बचाने में सहयोग की अपील की। बैठक में वन रक्षक दीवान राम, त्रिलोक सिंह कैड़ा, लछम सिंह नेगी, महिला मंगल दल अध्यक्ष नीमा देवी, राम सिंह, गड़स्यारी के सरपंच भुवन सिंह, प्रधान पार्वती देवी समेत काफी संख्या में क्षेत्र के ग्रामीणों ने भाग लिया।
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