अल्मोड़ा। नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के सात माह के कार्यकाल में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक को फिजूलखर्ची करार दिया। चार जिलों के अफसर बुलाकर सीएम की बैठक महज एक घंटे भी नहीं चली। इतनी जल्दी विकास कार्यों की समीक्षा संभव नहीं है। सीएम को हर जिले में जाकर पूरे दिन समीक्षा करनी चाहिए।
यहां एक रेस्तरां में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद सरकार की पूरी मशीनरी सितारगंज में मुख्यमंत्री के उपचुनाव और बाद में टिहरी लोकसभा चुनाव में जुटी रही। जिससे सरकार का ध्यान विकास कार्यों की तरफ गया ही नहीं। स्थिति यह है कि अब नवंबर माह में 50 प्रतिशत बजट जारी हुआ है। इसका भी उपयोग नहीं हो रहा है। जब इस मसले को विपक्षी भाजपा ने बार-बार उठाया तब मुख्यमंत्री विकास कार्यों की समीक्षा करके औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। चार जिलों से अधिकारियों की फौज बुलाने के बाद मुख्यमंत्री ने अफसरों के साथ एक घंटा भी बात नहीं की।
श्री भट्ट ने कहा कि राज्य में प्रशासन नाम की चीज नहीं है। मंत्री आपस में लड़ रहे हैं। सत्ताधारी विधायक खुद सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। ट्रांसफर उद्योग फिर से पनपने लगा है। गैस को बाजार भाव में देने के प्रयास किए जा रहे हैं। गैरसैंण में दो घंटे की बैठक में 10 करोड़ रुपये फूंक दिए गए और अब शिलान्यास की बात कही जा रही है। सरकार ने पूर्व में कहा था एफडीआई लागू नहीं होगी लेकिन विदेशी निवेश के लिए सरकार ने देहरादून में खुद विदेशी राजदूतों को बुलाकर इसे लागू करने के लिए रणनीति तय की है। बेरोजगारी भत्ते के नाम पर युवाओं को ठगा जा रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दिसंबर में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति हो जाएगी।