अल्मोड़ा। जीआईसी में शरदोत्सव की चौथी शाम रंगारंग कार्यक्रमों की धूम रही। पंजाबी पॉप सिंगर हनी चड्ढा के गीतों का दर्शकों ने आनंद लिया। उनके गीतों पर युवा देर रात तक झूमते रहे। इसके अलावा हिमालय लोक कला केंद्र ने आकर्षक प्रस्तुति दी।
चड्ढा इवेंट्स की गायिका सुमईया ने ‘ओ मेरे सोना रे सोना रे, दे दूंगी जान जुदा मत होना रे’ गीत से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद पंजाबी पाप सिंगर हनी चड्ढा ने खलनायक फिल्म का गीत ‘नायक नहीं खलनायक हूं मैं’, ‘मैं निकला गड्डी ले के रस्ते में एक मोड़ आया, मैं उत्थे दिल छोड़ आया’ आदि गीत गाए और युवा दर्शक उनके गीतों पर जमकर थिरके। राही किशोर ने भी गीत गाए। लाफ्टर वन के विजेता धारसी बरेड़िया ने अपनी प्रस्तुति से लोगों को खूब हंसाया।
इससे पहले हिमालय लोक कला केंद्र अल्मोड़ा के बाइस सदस्यीय दल ने शरदोत्सव में शानदार प्रस्तुति दी। दल के कार्यक्रमों की शुरुआत संध्या वंदना ‘सांझ पड़ी संध्यवाली, पाया चली रैना’ से हुई। लोक गायक दीवान कनवाल ने ‘ओ माता सुनंदा’ ‘कारगिला का बादवा, जा तु मेरा घरा’ गीत गाया। कलाकारों ने छपेली ‘अल्मड़ा बाजार हुड़की बाज रै घम’, गढ़वाली झूमेलो नृत्य ‘आई गैना ऋतु बौड़ी, डाई जसो फेरो’ की आकर्षक प्रस्तुति ने शमा बांध दिया। संचालन दीवान कनवाल और गोकुल बिष्ट ने किया। इसके अलावा रोबो क्लब ने गणेश वंदना की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि शरदोत्सव जैसे आयोजन संस्कृति को सशक्त बनाने में सहायक होते हैं। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि सांसद प्रतिनिधि मोती लाल वर्मा, सीजेएम मो. सुल्तान, सिविल जज जूनियर डिवीजन अनूप गोयल, पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी आदि मौजूद थे।
शरदोत्सव में आज
दिन में 12 बजे- स्टेडियम तथा जीआईसी में खेलकूद प्रतियोगिता।
सायं 6.30 बजे- संस्कृति विभाग, स्कूलों तथा स्थानीय कलाकारों के रंगारंग कार्यक्रम।
सायं 8.30 बजे- उत्तराखंड नाइट: संस्कार सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण समिति की प्रस्तुति। (कलाकार राजेंद्र राणा, ललित मोहन जोशी, नवीन पाठक, महिपाल मेहता, गीतिका असवाल, किरन किरौला, अल्का बिष्ट समेत 35 सदस्यीय दल की प्रस्तुति।)