अल्मोड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल जिला कमेटी की यहां हुई बैठक में लगमड़ा ब्लाक के धनखोली गांव में एक महिला को तेंदुए द्वारा मार दिए जाने पर दु:ख जताया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि शासन प्रशासन लगातार हो रहे तेंदुओं के हमलों के मामलों के प्रति गंभीर नहीं है। कहा कि तेंदुओं के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए शासन प्रशासन ने ठोस उपाय नहीं किए तो उक्रांद आंदोलन करने को बाध्य होगा।
उन्होंने कहा कि शिकारियों ने क्षेत्र में सात तेंदुए होने की जानकारी पूर्व में ही दे दी थी। दो तेंदुओं को मारने के बाद वन विभाग तथा प्रशासन ने कार्रवाई रोक दी। उच्चयूर पट्टी में रहने वाले लोग तेंदुए के आतंक के कारण दहशत में जी रहे हैं। इससे आम नागरिकों की भी दिनचर्या प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में चिह्नित शेष तेंदुओं को भी मारने अथवा पकड़ने की मांग की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि तेंदुओं से प्रभावित अन्य क्षेत्रों में भी वन विभाग की चौकसी बढ़ाई जाए। तेंदुओं के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए शासन प्रशासन द्वारा शीघ्र ठोस उपाय नहीं किए गए तो उक्रांद आंदोलन करने को बाध्य होगा। सुभाष पांडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में ब्रह्मानंद डालाकोटी, शिवराज बनौला, मुमताज कश्मीरी, किशोरी लाल वर्मा, मोहन चंद्र गुरुरानी, श्याम सिंह डोबाल, मोहन सिंह बनौला आदि मौजूद थे।