अल्मोड़ा। पूर्व रक्षा मंत्री कृष्ण चंद्र पंत के निधन पर विभिन्न राजनितिक दलों तथा सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शोक जताया है। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने श्री पंत के निधन को अपूर्णनीय क्षति बताया। श्री पंत के निधन का समाचार मिलते ही उनके पैतृक गांव खूंट में भी शोक छा गया।
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि श्री पंत ने लंबे समय तक विभिन्न पदों में रहकर देश के विकास में महत्वपूर्ण भागीदारी की। उन्होंने श्री पंत के निधन को भारी राजनीतिक क्षति बताया। विधायक मनोज तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता गिरीश पंत, किसान कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश तिवारी आदि ने भी उनके निधन पर शोक जताया है। मुक्त विवि में निदेशक पद पर कार्यरत प्रो. दुर्गेश पंत ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
उधर केसी पंत की मृत्यु का समाचार मिलते ही उनके पैतृक गांव खूंट में भी शोक छा गया। खूंट की ग्राम प्रधान नंदी पंत, चंदन भोज, सुनील कुमार पंत, दीप चंद्र पंत आदि ग्रामीणों ने गहरा शोक जताया। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि श्री पंत अपने पिता पंडित गोविंद बल्लभ पंत की जन्म स्थली में कई बार आए और यहां की समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने काफी प्रयास किए।
प्रोफाइल
अल्मोड़ा। भारत रत्न पं गोविंद बल्लभ पंत के सुपुत्र पूर्व रक्षा मंत्री केसी पंत का जन्म 1931 में नैनीताल जिले में हुआ था। श्री पंत ने नैनीताल स्थित सेंट जोजफ स्कूल से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उन्होंने लखनऊ विश्व विद्यालय से एमएससी किया। कुछ समय बाद वह कांग्रेस पार्टी से जुड़ गए। केसी पंत 1962 में पहली बार लोकसभा सदस्य चुने गए। इसके बाद वह 1967,1971 में भी लोकसभा सासंद रहे। 1978 में उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया। इसके बाद 1989 में वह लोकसभा का चुनाव जीते। श्री पंत केंद्र सरकार में रक्षा मंत्री तथा अन्य पदों पर रहे। वह 1998 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए और 2000-04 तक अटल बिहारी सरकार में योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे। केसी पंत की पत्नी इला पंत भी 1991 में नैनीताल सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता एनडी तिवारी को हराकर सांसद चुनी गयी। उनके सुनील पंत तथा रंजन पंत दो पुत्र हैं।