अल्मोड़ा। आदमखोर तेंदुए द्वारा दीपावली के दिन लमगड़ा ब्लाक के धनखोली गांव में एक महिला को मार डालने के बाद उच्यूर पट्टी के गांवों में की जर्बदस्त दहशत है। लोग जरूरी काम के लिए दिन में भी अकेले आने-जाने में डर रहे हैं। तेंदुए ने गुरुवार प्रात: हुंना गांव में घुसकर एक पालतू कुत्ते को शिकार बनाया। वन विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र में पहुंचकर स्थिति की जायजा लिया। उधर धौलादेवी ब्लाक के तड़कोट गांव में भी पिछले तीन दिनों से दिन दहाड़े तेंदुआ दिखाई देने से लोग भयभीत हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में पिंजरा लगा कर गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
उच्यूर पट्टी के हुंना, चौनली, सिलखोड़ा, पलना, अनरियाकोट, जसकोट आदि गांवों में पिछले एक माह से तेंदुए का आतंक बना है। 13 अक्तूबर से लेकर 13 नवंबर तक तेंदुओं ने क्षेत्र के गांवों में चार महिलाओं को मार डाला तथा तीन महिलाओं को घायल किया है। दीपावली के दिन गुलदार ने घर के पास खेत में घास काट रही कमला बिष्ट को मार डाला। पहले से भयभीत ग्रामीणों में इस घटना के बाद से दहशत बढ़ गई है। तेंदुए के भय से ग्रामीणों का दिन पर भी घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। अल्मोड़ा वन प्रभाग के डीफओ राहुल ने क्षेत्र में जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में वन कर्मियों के तीन दल कांबिंग कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर शिकारी भी बुलाए गए हैं। हांलाकि तेंदुए को मारने के लिए अनुमति अभी प्राप्त नहीं हुई है।
उधर धौलादेवी के तड़कोट गांव में भी पिछले तीन दिनों से दिन में ही गुलदार दिखाई दे रहा है। इससे लोगों में डर बना है। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मोहन सिंह महरा ने बताया कि दीपावली के दिन से आज तक तेंदुआ गांव के पास ते घुस आ रहा है। उन्होंने गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है। वन विभाग के एसडीओ एमके बहुखंडी ने बताया कि तड़कोट गांव में वन कर्मी भेजे गए हैं। जरूरत पड़ी पिंजरा लगाया जाएगा। इधर उच्यूर-बिशौद सेवा समिति के अध्यक्ष हरीश सत्वाल ने बताया कि गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया जाएगा।