अल्मोड़ा में पत्रकारों से वार्ता करते कांग्रेस नेता राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा।
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कांग्रेस नेता राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की गई नोट बंदी देश में कालेधन पर अंकुश लगाने के बहाने 96 फीसदी आम जनता पर हमला है। मात्र पचास परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए मोदी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था तबाह कर दिया है। नोटबंदी से देश को आर्थिक प्रगति पर ले जाने वाले छोटे कारोबारी, मेहनतकश और किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने नोट बंदी को नोट बदली करार दिया। कहा कि दो हजार का नोट चलाकर सरकार ने काला धन रखने वालों के हित साधे हैं। नोट बंदी के बाद अपना पैसा पाने के लिए सौ से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। लेकिन केंद्र ने उनके परिजनों को मुआवजा नहीं दिया। मोदी सरकार ने काले धन के बहाने आम जनता के खिलाफ लड़ाई छेड़ दी है। उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
पर्यटन आधारित राज्यों की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। माल्या जैसे उद्योगपतियों के ऋण माफ किए जा रहे हैं। एक मुश्त नई करेंसी पकड़ी जा रही है। पीएम बताएं कि यह मार्केट में कैसे आई। आठ नवंबर को नोट बंद करने के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा था कि यह लड़ाई काले धन, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के खिलाफ है।
लेकिन इसमें अब तक सफलता नहीं मिली है। उन्होंने पीएम के देहरादून भ्रमण को मात्र चुनावी दौरा करार दिया। टम्टा ने कहा कि आगामी चुनाव में कांग्रेस पुन: प्रदेश की सत्ता हासिल करेगी। इस मौके पर कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, महिला कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष प्रीति बिष्ट, जिलाध्यक्ष ललिता तिवारी, तारु तिवारी आदि मौजूद थे।