अल्मोड़ा। अल्मोड़ा नगर और आसपास के क्षेत्रों में पानी का संकट गहराता जा रहा है। अल्मोड़ा नगर और आसपास की करीब एक लाख की आबादी को पर्याप्त पानी पहुंचाने के लिए हर रोज लगभग 13 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन वर्तमान में सिर्फ 8.5 एमएलडी ही पानी मिल रहा है।
जल निगम ने हाल ही में 30 करोड़ रुपये लागत की पुनर्गठन योजना फेज-एक का प्रस्ताव शासन को भेजा है लेकिन इस प्रस्तावित योजना को अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। इस योजना के तैयार होने के बाद करीब साढ़े छह एमएलडी पानी अतिरिक्त मिलने लगेगा। जल महकमे से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पुनर्गठन के बगैर अल्मोड़ा नगर में पानी की समस्या का समाधान संभव नहीं है।
बता दें कि अल्मोड़ा नगर और आसपास की करीब एक लाख से अधिक की आबादी को पानी की आपूर्ति अल्मोड़ा से करीब 10 किमी दूर कोसी नदी से पंपों के द्वारा होती है। काफी पुरानी कोसी पंपिंग योजना का 1990 में पुनर्गठन किया गया था।
तब कोसी से नई लाइन डालने के साथ ही नगर के विभिन्न इलाकों में जलाशयों का भी निर्माण किया गया था। उसके बाद कुछ साल तक पानी के संकट से काफी हद तक राहत मिली लेकिन बीते 10-15 सालों में नगर की आबादी तेजी से बढ़ी है जबकि पानी की आपूर्ति में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि नगर और आसपास के क्षेत्र की करीब एक लाख की आबादी को रोज करीब 13 एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन सिर्फ 8.5 एमएलडी पानी की उपलब्ध होता है।
ऐसी हालत में कोसी पंपिंग योजना के शीघ्र पुनर्गठन की आवश्यकता है। जल निगम के अधिशासी अभियंता केडी भट्ट ने बताया कि प्रस्ताव के तहत कोसी के निकट मटेला में पंप हाउस और फिल्टर प्लांट के निर्माण के अलावा मटेला से एनटीडी में स्थित हेलेट जलाशय तक पानी की मुख्य लाइन का निर्माण किया जाएगा। पहले फेज में एडम्स, धारानौला, एनटीडी आदि के अलावा सिराड़ और चितई पंत तक पानी पहुंचाने की योजना है। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव शासन तक पहुंच गया है। शासन स्तर पर इस योजना को मंजूरी देने के लिए प्रक्रिया चल रही है।