अल्मोड़ा-बागेश्वर से समचारों की सूची ........
अल्मोड़ा में 14 व्यापारियों का पंजीकरण निरस्त
छह माह के भीतर 129 व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन निरस्त हो चुका है
सहायक कमिश्नर वाणिज्य ने मंगलवार को लोधिया में चलाया अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
अल्मोड़ा। वाणिज्य कर विभाग ने रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले 14 व्यापारियों का जनवरी में पंजीकरण निरस्त कर दिया है। पिछले छह माह में अब तक 129 व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई की जा चुकी है। जबकि 13 व्यापारियों का धारा 62 के अंतर्गत कर निर्धारण किया गया है। इधर मंगलवार को सहायक कमिश्नर सेल टैक्स कमल किशोर जोशी ने लोधिया में अभियान चलाते हुए कई व्यापारियों का लेखा-जोखा देखा और 20 लाख से ज्यादा टर्न ओवर करने वाले व्यापारियों को जल्द से जल्द रिटर्न दाखिल करने को कहा।
मिसेज इंडिया यूके प्रतियोगिता में सौम्या ने अंतिम 30 में जगह बनाई
तीन माह में कड़े प्रशिक्षण के बाद अप्रैल में होगा फाइनल
अमर उजाला ब्यूरो
अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा की रहने वाली सौम्या पंत ने ब्रिटेन में नाम रोशन किया है। ब्रिटेन में प्रसारित होने वाले कलर्स टीवी यूके में मिसेज इंडिया यूके प्रतियोगिता के पहले दौर में एक हजार प्रतिभागियों में से अंतिम 30 में जगह बनाकर वह चर्चा में आई हैं। फाइनलिस्ट 30 में जगह पाने वाली वह उत्तराखंड की एकमात्र प्रतिभागी हैं। तीन माह में कड़े प्रशिक्षण के बाद अप्रैल में इस प्रतियोगिता का फाइनल होगा। जिसमें सफलता के लिए सौम्या को काफी उम्मीदें हैं।
संबद्ध की गईं तीनों महिला डॉक्टर भी गईं छुट्टी पर
सिर्फ एक स्थायी दो संविदा स्त्री रोग विशेषज्ञों के सहारे चल रहा महिला अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो
अल्मोड़ा। जिले का एकमात्र महिला अस्पताल लंबे समय से स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी से जूझ रहा है। यहां केवल स्थायी तौर पर एक स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला डॉक्टर तैनात है। स्वास्थ्य विभाग ने भी गर्भवती महिलाओं को देखने की जिम्मेदारी संविदा में तैनात दो डॉक्टरों के अलावा दो ईएमओ पर छोड़ रखी है। व्यवस्था बनाने के लिए बेस अस्पताल से तीन महिला डॉक्टरों को यहां तैनात किया गया था, लेकिन यह तीनों भी अवकाश पर चली गई हैं। मंगलवार को अमर उजाला की टीम महिला अस्पताल पहुंची तो अस्पताल में डॉक्टरों का टोटा नजर आया। संविदा पर तैनात दो डॉक्टर ओपीडी देख रही थीं। जबकि दो ईएमओ माहवार मरीजों की रिपोर्ट तैयार करने में जुटी हुई थीं।
-अल्मोड़ा। जिले के करीब 40 से अधिक डाक्टर लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे हैं। इनमें कई को पांच साल से भी अधिक समय बीत गया है। दिक्कत यह है कि नौकरी में बने रहने के कारण इनके पद रिक्त भी घोषित नहीं किए जा सके हैं। बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी डाक्टरों को सेवा से हटाने के लिए नोटिस जारी किया था लेकिन समय सीमा निकलने के बावजूद कोई भी डाक्टर ड्यूटी पर नहीं लौटा है। अब इन डाक्टरों को सेवा से हटाने के संबंध में शासन स्तर से कार्रवाई होने की संभावना है।
- अल्मोड़ा। आल्पस कर्मियों अशोक साह और शंकर सिंह का आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। शासन प्रशासन स्तर पर कोई भी कार्रवाई नहीं होने से कार्मिकों में काफी रोष है। धरना स्थल पर हुई सभा में कर्मियों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। कांग्रेस ने आंदोलन को समर्थन देते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने की बात कही।
‘बच्चों में परीक्षा को लेकर दबाव नहीं बनाएं’
बच्चों ने देखा प्रधानमंत्री का परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम
विद्यालयों में की गई थी कार्यक्रम दिखाने की व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
अल्मोड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम का जिले के विभिन्न विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को सीधा प्रसारण दिखाया गया। चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिभावकों से बच्चों में परीक्षा को लेकर दबाव नहीं बनाने को कहा। तालकटोरा स्टेडियम दिल्ली में हुए परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि अभिभावक बच्चों के अंक प्रतिशत को लेकर दूसरे बच्चों से तुलाना कर उन्हें हतोत्साहित नहीं करें। परीक्षा को लेकर बच्चों के मन में डर पैदा नहीं करें। अभिभावक बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दें। जिले के विद्यालयों में सीधा प्रसारण दिखाने और सुनाने को शिक्षा विभाग ने टीवी और रेडियो की व्यवस्था की थी।
एक सप्ताह बीता लेकिन नहीं खुलीं सड़कें
अमर उजाला ब्यूरो
बागेश्वर। बर्फबारी से ढके कपकोट ब्लाक के उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों को जोड़ने वाली सड़कें आठ दिन बाद भी नहीं खुल सकी हैं। कपकोट-कर्मी सड़क में मलबा भरने से यातायात ठप है। क्षेत्र के लोगों ने पीएमजीएसवाई से सड़कों को युद्ध स्तर पर खोलने को कहा है। एक सप्ताह पूर्व मल्ला और विचल्ला दानपुर के गांवों को यातायात से जोड़ने वाली रिखाड़ी-बाछम-बदियाकोट और लीती-गोगिना सड़क बंद हो गई थी। बर्फ से ढकी ये सड़कें मंगलवार को भी नहीं खुल सकी हैं। इधर कपकोट-कर्मी सड़क के विभिन्न हिस्सों में पहाड़ी से गिरे मलबे से सड़क बंद हो गई है। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रिड से जुड़ी लघु जल विद्युत परियोजना
उरेडा को कन्यालीकोट जल विद्युत परियोजना को ग्रिड से जोड़ने में मिली कामयाबी
08 साल से बंद पड़ी थी परियोजना
70 हजार रुपये का फायदा होगा
गणेश उपाध्याय
बागेश्वर। उरेडा को आठ वर्षों से बंद पड़ी 100 केवी क्षमता वाली कन्यालीकोट लघु जल विद्युत परियोजना को यूपीसीएल की ग्रिड से जोड़ने में कामयाबी मिल गई है। ग्रामीण ऊर्जा समिति से उत्पादित बिजली को यूपीसीएल खरीदेगा। परियोजना से ऊर्जा समिति को महीने में 70 हजार रुपये का फायदा होगा।
कन्यालीकोट और इसके आसपास के घरों को रोशन करने के लिए उरेडा ने वर्ष 2005 में एक करोड़ रुपये की लागत से कनलगढ़ नदी में 100 किलोवाट क्षमता की लघु जल विद्युत परियोजना का निर्माण किया था। परियोजना का संचालन ग्रामीण ऊर्जा समिति के पास है। परियोजना से ग्रामीणों को रोजाना निर्धारित समय पर बिजली मिलती थी।
पालिका को मिली ग्राम पंचायतों की 87 लाख की रकम
- पालिका विस्तार के बाद 10 गांव हुए थे शामिल
- ग्राम पंचायतों के खाते में था यह बजट
- पालिका ने दस सदस्यों से मांगे विकास के प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
बागेश्वर। नगर पालिका विस्तार के बाद विलय किए गए दस गांवों की 87 लाख की विकास की राशि प्रशासन ने नगर पालिका के खाते में जमा करा दी है। नगर पालिका ने इन वार्डों के विकास के लिए सदस्यों से प्रस्ताव मांगे हैं। शासन के आदेश पर नगर पालिका विस्तार में विलय के बाद ग्राम पंचायतों की अवशेष राशि ग्राम पंचायतों के खातों में पड़ी थी। नगर पालिका गठन के उपरांत प्रशासन ने उक्त राशि अब नगर पालिका को हस्तांतरित कर दी है। पालिका के ईओ राजदेव जायसी ने बताया कि ग्राम पंचायतों की 87 लाख चार हजार की राशि नगर पालिका के खाते में आ चुकी है। इस राशि को उन्हीं क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा। विकास कार्य शुरू किए जाने को लेकर संबंधित वार्डों के सदस्यों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
कर्मियों की कमी से जूझ रहा जिले का जीएसटी विभाग
= 10 में से सिर्फ चार अधिकारी-कर्मी ही हैं तैनात, छह पद रिक्त
अमर उजाला ब्यूरो
बागेश्वर। राज्य कर विभाग दो तिहाई से ज्यादा कर्मियों की कमी से जूझ रहा है। कर्मियों की कमी से जहां रिटर्न जमा नहीं होने पर नोटिस देने और कारोबारियों का लेखा जोखा तैयार करने में भारी परेशानी हो रही है वहीं सरकार की आय भी प्रभावित हो रही है।
भेषज संघ भवन निर्माण की 70 लाख की राशि वापस
बागेश्वर। जिले में भेषज संघ के भवन निर्माण के लिए आई 70 लाख की राशि जमीन नहीं मिलने के कारण शासन को वापस चली गई है। अब जमीन तलाशने की नए सिरे से प्रक्रिया चल रही है।
भेषज संघ का भवन बनाए जाने की कवायद बीते दस सालों से चल रही है। शासन ने भेषज भवन निर्माण के लिए 70 लाख रुपए आवंटित कर दिए थे। जिला प्रशासन द्वारा भवन निर्माण के लिए जगह की तलाश नहीं हो पाने के कारण आवंटित राशि वापस करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि अब नए सिरे से भूमि चयन की कवायद की जा रही है। जिला भेषज संघ के सदस्य व अल्मोड़ा जिला सहकारी बैंक के प्रतिनिधि संजय साह जगाती ने जिले में भेषज संघ भवन निर्माण की मांग को लेकर गत दिनों मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की।