अल्मोड़ा। भारतीय बैंक संघ द्वारा वेतन में की गई मात्र दो प्रतिशत बढ़ोतरी को लेकर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों में रोष है। जिसके विरोध में विभिन्न बैंक कर्मचारियों ने मंगलवार को सांकेतिक प्रदर्शन किया। उन्होंने बुधवार 30 मई से दो दिन तक हड़ताल पर रहने का भी निर्णय लिया।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए कहा कि आईबीए ने पिछले साल 31 मार्च के वेतन के अनुसार दो प्रतिशत बढ़त का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में बैंक कर्मचारियों ने मुद्रा, जनधन, नोटबंदी, अटल पेंशन याजना के दौरान काफी काम किया। इससे वर्कलोड काफी बढ़ा है। जबकि इससे पहले नवंबर 2012 से 31 अक्तूबर 2017 के बीच लागू वेतन के समझौते में कर्मचारियों को 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दी गई थी। आक्रोशित बैंक कर्मचारियों ने दो प्रतिशत वेतन वृद्धि के प्रस्ताव को निराशाजनक बताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की है। प्रदर्शन में एसबीआई के ललित मोहन पंत, अनूप साह, सुभाष पांडे, मोहन चंद्र कांडपाल, दरबान सिंह, मुन्नी मेहरा, प्रफुल्ल जोशी, हर सिंह समेत नैनीताल बैंक, यूको, पीएनबी, केनरा, विजया, सिडिंकेट, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।