अल्मोड़ा। नृत्य सम्राट के नाम से विख्यात पं. उदय शंकर की स्मृति में बनाए गए उदय शंकर नाट्य अकादमी फलसीमा को आम जनता के लिए उपयोगी बनाने के लिए जिला प्रशासन और संस्कृति विभाग के सहयोग से फोटो गैलरी लगाई गई है।
यह बात फोटो गैलरी का उद्घाटन करते हुए अपर जिलाधिकारी कैलाश सिंह टोलिया ने कही। उन्होंने कहा कि भविष्य में स्थानीय लोगों से भी अल्मोड़ा के पुराने चित्रों को लिया जाएगा और उनके नाम से नाट्य अकादमी में गैलरी की स्थापना भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी ईवा आशीष की पहल पर इंटेक संस्था द्वारा यहां पर फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है। जो बाहर से आने वाले देसी-विदेशी पर्यटको के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। उन्होंने बताया कि जर्मनी, ब्रिटिश लाइब्रेरी, राष्ट्रीय अभिलेखागार, राज्य अभिलेखागार और क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई से भी फोटो प्राप्त कर यहां पर प्रदर्शनी लगाई गई है।
इंटेक संस्था (इंडियन नेशनल ट्रस्ट फार आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज) के उत्तराखंड प्रभारी लोकेश ओहरी ने बताया कि 1860 में अल्मोड़ा में कैमरा आया था। उसके बाद के जो भी चित्र खींचे गए है उन चित्रों को इस गैलरी में लगाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि 1938 में पं. उदय शंकर अपने साथियों पं. रवि शंकर, गुरुदास पत्नी अमला शंकर, जौहरा सेंगर, एना पाबलोवा समेत अन्य लोगों के साथ यहां पर आये थे। तब उन्होंने अल्मोड़ा में अपने नृत्य की जो अमिट छाप छोड़ी वह विख्यात रही।
इसके अलावा अल्मोड़ा में महात्मा गांधी, पं. जवाहर लाल नेहरू, स्वामी विवेकानंद, रोबिल रौल के चित्रों को भी इस फोटो गैलरी में लगाने का प्रयास किया गया है। इस अवसर पर प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई के चंद्र सिंह चैहान, अल्मोड़ा हेरिटेज संस्था की तनीशा तिवारी, सरगम समेत इंटेक संस्था के अनेक सदस्य उपस्थित थे।