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दृष्टिहीन दिव्यांगों की समस्याओं का समाधान हो

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अल्मोड़ा। राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ की हुई बैठक में दिव्यांगों को दिए जा रहे भरण-पोषण अनुदान को अपर्याप्त बताया गया। वक्ताओं ने सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप पारिवारिक पेंशन के समान भरण-पोषण अनुदान देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि एक आंख से दृष्टिबाधित व्यक्ति को भी दृष्टिबाधित दिव्यांग की श्रेणी में रखा जाना चाहिए।
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वक्ताओं ने कहा कि बेस अस्पताल अल्मोड़ा में कार्निया प्रत्यारोपण की व्यवस्था की जाए, ताकि नेत्रदान का लाभ जरूरतमंदों को मिल सके। दृष्टिबाधितों के लिए अल्मोड़ा में ब्रेल शिक्षा और व्यवसायिक प्रशिक्षण के लिए आवासीय केंद्र स्थापित हो। दिव्यांगजनों के सहायकों को भी उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा दिलाई जाए। आर्थिक रूप से कमजोर दृष्टिबाधित दिव्यांगों के लिए शिक्षा और व्यवसायिक प्रशिक्षण की निशुल्क व्यवस्था करने की मांग की।

इसके अलावा समाज कल्याण निदेशालय से पृथक कर दिव्यांग कल्याण निदेशालय का गठन हो। उत्तर प्रदेश की तरह उत्तराखंड राज्य में भी दृष्टिहीन दिव्यांगों को भवन कर और जलकर में छूट दी जाए। दृष्टिहीनों को भूखंड, मकान आदि क्रय करने के लिए दस लाख रुपये तक के मूल्य पर स्टांप शुल्क में छूट देने की मांग की गई।
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उन्होंने कहा कि इस संबंध में ब्रेल दिवस पर विधानसभा उपाध्यक्ष को भी मांग पत्र सौंपा गया था। उन्होंने दिव्यांगों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड उनके घर पर ही बनाने की व्यवस्था करने की मांग की। बैठक में उपाध्यक्ष श्याम नारायण, चंद्रमणि भट्ट, डा. जेसी दुर्गापाल, गिरीश चंद्र जोशी, स्वाति तिवारी, किरन साह आदि ने विचार रखे। अध्यक्षता महेंद्र सिंह अधिकारी और संचालन महासचिव डीके जोशी ने किया।
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