राजकीय संग्रहालय परिसर अल्मोड़ा
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अल्मोड़ा। सातवीं से बारहवीं सदी की पुरानी विशाल प्रस्तर प्रतिमाओं को राजकीय संग्रहालय के बाहर लगाने का कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है। पर्यटकों और आम जनता के आकर्षण के लिए राजकीय संग्रहालय की मांग पर संस्कृति विभाग ने निर्माण एजेंसी ग्रामीण निर्माण विभाग को पूर्व में पैसा भी दे दिया है, लेकिन मूर्ति लगाने का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। मालरोड में स्थित राजकीय संग्रहालय में सदियों पुरानी प्रतिमाएं, बहुमूल्य सिक्के समेत कई ऐतिहासिक धरोहरें हैं।
स्थानीय समेत बाहर से आने वाले लोग यहां की ऐतिहासिक धरोहरों को देखने संग्रहालय पहुंचते हैं। इस संबध में राजकीय संग्रहालय ने परिसर को और भी ज्यादा खूबसूरत और आकर्षक बनाने के लिए पूर्व में संस्कृति विभाग को पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने प्राचीन प्रस्तर प्रतिमाओं को परिसर के बाहर लगाने की अनुमति मांगी थी, ताकि पर्यटक बाहर से ही संग्रहालय को देखकर आकर्षित हो सकें।
जिसके लिए संस्कृति विभाग ने प्रस्तर प्रतिमा और स्टैंड लगाने के लिए 1.23 लाख रुपये निर्माण एजेंसी ग्रामीण निर्माण विभाग को पहले ही दे दिए हैं। निर्माण एजेंसी द्वारा सर्वे पूरा करने के बाद भी यह कार्य अभी तक नहीं हो सका है। संग्रहालय प्रभारी संग्रहालय डॉ. ज्ञानप्रकाश तिवारी ने बताया कि देघाट क्षेत्र से स्तंभ नहीं आने के कारण कार्य रुका हुआ है। सितंबर पहले सप्ताह तक प्रस्तर प्रतिमाओं को संग्रहालय के बाहर लगा दिया जाएगा।
पर्यटकों और आम जनता के आकर्षण के लिए संग्रहालय परिसर में लगनी हैं प्रतिमाएं
संस्कृति विभाग की अनुमति के बाद निर्माण एजेंसी को पूर्व में ही मिल चुका है धन
सूर्य, रावणानुगृह समेत नौ मूर्तियां और वीरखंभ हैं लगने
अल्मोड़ा। संग्रहालय परिसर में लगाई जाने वाली प्रस्तर प्रतिमाओं में सूर्य, रावणानुगृह समेत करीब सात से नौ मूर्तियां शामिल हैं जो कि सातवीं से बारहवीं सदी की हैं। इनके अलावा जिले के विभिन्न स्थानों से भी स्तंभ, वीरखंभ आदि परिसर में लगाने का प्रस्ताव है। संग्रहालय परिसर में 2015 में नानकमत्ता के खमरिया गांव से लाई गई करीब 125 साल पुरानी लोहे की नाव को भी स्टैंड में लगाने का प्रस्ताव है।