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स्थायी राजधानी के नाम पर राजनीति करने का आरोप

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स्थायी राजधानी के नाम पर राजनीति करने का आरोप
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड क्रांति दल की बैठक में वक्ताओं ने राज्य की स्थायी राजधानी शीघ्र गैरसैण घोषित कर शेष निर्माण कार्यों के लिए धन आवंटन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा सत्ता में आते ही गैरसैंण राजधानी बनाने की बात कही थी, लेकिन सत्ता में आते ही भाजपा गैरसैंण को भूल गई है, जबकि कांग्रेस जब सत्ता में थी तब कभी गैरसैंण को ग्रीष्म कालीन राजधानी और अन्य बहाने बनाती रही। अब विपक्ष में बैठकर कांग्रेस राजनीति कर रही है।
उन्होंने उज्ज्वला योजना में पूर्व से चयनित नामों को ही योजना का लाभ दिए जाने और केंद्र से चयनित सूची के आधार पर गैस कनेक्शन दिए जाने को अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व से चयनित परिवारों की आर्थिक स्थिति में परिवर्तन हो जाने से परिवार के बीपीएल श्रेणी में नहीं होते हुए भी उन्हें कनेक्शन दिए जा रहे हैं, जो कि उचित नहीं है। इस प्रणाली के चलते जहां एक गांव के ही कई परिवार लाभान्वित हो रहे हैं, वही किसी-किसी गांव में एक भी कनेक्शन नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में जंगली जानवरों के आतंक के चलते कृषि व्यवस्था चौपट होने से ग्रामीण क्षेत्र पूर्ण रूप से सरकारी सस्ते राशन की प्रणाली पर निर्भर है। एक अप्रैल से राशन बंद कर दिए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने सस्ते गल्ले की दुकानों से पूर्ववत राशन वितरण करने की मांग की।
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उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह दस हजार रुपये की जाए। गोपाल सिंह मेहता की अध्यक्षता में हुई बैठक में ब्रह्मानंद डालाकोटी, हरीश जोशी, शिवराज बनौला, उदय मेहरा, शंकर दत्त, गोपाल सिंह बनौला, महेश परिहार, लछम सिंह, मदन राम, तारा राम, पूरन सिंह, कमल, पीयूष जोशी, सचिन, गिरीश गोस्वामी, कैलाश राम, सुभाष आदि मौजूद थे।
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