द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं इंजीनियरिंग कॉलेज की पेयजल योजना से जुड़े डढोली ग्राम पंचायत में लंबे समय से पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ग्राम पंचायत निधि से लगा पांच हजार लीटर का सोलर वाटर सिस्टम भी ग्रामीणों के लिए नाकाफी हो रहा है। ग्रामीणों ने भूमि प्रभावित परिवारों को 25 फीसदी पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और विधायक निधि से एक और हैंडपंप लगाने की मांग की है।
इंजीनियरिंग कॉलेज पेयजल योजना से संबद्ध कई गांवों में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। अधिकांश गांव के लोगों ने इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापना के लिए पूर्व में अपनी भूमि भी दी हुई है। ग्रामीण ऐसे भूमि प्रभावित ग्रामीणों को अतिरिक्त 25 फीसदी पेयजल देने, साथ ही विधायक निधि से एक और हैंडपंप लगाकर ग्रामीणों को राहत देने की मांग कर रहे हैं।
डढोली गांव में भूमि प्रभावित परिवारों की संख्या 74 और अन्य परिवारों की संख्या 671 है। इसके अतिरिक्त भौंरा, रवां, गोचर, मायापुरी आदि क्षेत्रों में भी पानी की समस्या बनी हुई है। जिससे ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित होकर रह गई है। ग्रामीणों का कहना है कि या तो शीघ्र व्यवस्था में सुधार हो या क्षेत्र को रामगंगा पेयजल योजना अथवा तिपौला पेयजल योजना जोड़ा जाए। राज्य आंदोलनकारी बीरेंद्र बजेठा ने कहा कि आचार संहिता के चलते लोग आंदोलन नहीं कर रहे है। यदि यही हालात रहे तो ग्रामीण कठोर कदम उठाएंगे।