अल्मोड़ा। भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए कृषि विभाग द्वारा काश्तकारों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण कर उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए जा रहे हैं। जिले में कुल 1,09,268 किसानों में से अब तक 70 हजार किसानों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड विभाग बना चुका है। शेष काश्तकारों को मार्च तक मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराने का कृषि विभाग का लक्ष्य है।
जिले के ग्रामीण इलाकों में काश्तकार खेती से ही आजीविका चलाते हैं। मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी होने से फसलों का उत्पादन प्रभावित होता है। भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार काश्तकारों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण कराकर उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करा रही है, ताकि जानकारी मिल सके कि कृषक के खेतों की मिट्टी में किन-किन पोषक तत्वों की कमी है और उसके लिए कौन से बीज और फसलें लाभदायक रहेंगी। इसका उल्लेख मृदा स्वास्थ्य कार्ड में होगा। जिससे कि उसके खेतों में पोषक तत्वों की कमी को दूर किया जा सके और फसलों का उत्पादन बढ़ाया जा सके।
मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि जिले में कुल 1,09,268 काश्तकारों में से 70 हजार किसानों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण कर उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड दे दिए गए हैं। शेष कृषकों के खेतों की मिट्टी के परीक्षण का कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मार्च माह के अंत तक शेष किसानों को भी मृदा स्वास्थ्य कार्ड दे दिए जाएंगे।