अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवहन निगम के अल्मोड़ा डिपो में चालक, परिचालकों की भारी कमी बनी हुई है। चालकों की कमी के कारण आए दिन सेवाएं स्थगित हो रही हैं। इस कारण निगम को प्रतिमाह 30 लाख रुपये का घाटा हो रहा है। चालक, परिचालकों के पदों पर शीघ्र नियुक्ति नहीं हुई तो निगम को होने वाले घाटे में इजाफा होगा।
उत्तराखंड परिवहन निगम के जिला मुख्यालय स्थित डिपो में चालक के 26, परिचालक के 27 पद लंबे समय से खाली हैं। चालकों की भारी कमी के कारण अल्मोड़ा- दिल्ली, अल्मोड़ा-मेरठ, अल्मोड़ा- टनकपुर, अल्मोड़ा-देहरादून सेवाएं कई बार स्थगित हो रही है। इस कारण निगम को प्रतिमाह 30 लाख रुपये से अधिक का घाटा हो रहा है।
जिला मुख्यालय स्थित परिवहन निगम से मैदानी, पर्वतीय रूटों पर संचालित होने वाली कई बस सेवाएं लंबे समय से बंद पड़ी हैं। अल्मोड़ा-रानीखेत-रामनगर-दिल्ली, अल्मोड़ा-लमगड़ा -बरेली, अल्मोड़ा-शीतलाखेत-रानीखेत, अल्मोड़ा-खेती -बरेली, अल्मोड़ा- बागेश्वर-रीमा दोफाड़, अल्मोड़ा-ध्याड़ी, अल्मोड़ा-पिथौरागढ़-झूलाघाट, अल्मोड़ा-रानीखेत-झूलाघाट, अल्मोड़ा- बसौली-रानीखेत, अल्मोड़ा-दन्यां, भनोली-खेती समेत अनेक रूटों पर पिछले कई सालों से बसों का संचालन ठप पड़ा है। इस कारण यात्रियों को जीपों, टैक्सियों से अधिक किराए पर यात्रा करनी पड़ती है।
खास तौर पर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के यात्रियों को काफी परेशानियों से जूझना पड़ता है। कार्यशाला में टायर समेत अन्य पार्ट्स का अभाव है। कई बार टायर की कमी के कारण बस सेवाओं के सुचारु संचालन में व्यवधान पैदा होता है।