अल्मोड़ा। विधानसभा उपाध्यक्ष एवं विधायक रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सूख रहे नौले, गधेरों के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जनप्रतिनिधियों, गैर सरकारी संस्थानों, मंगल दल एवं महिला मंगल दलों की शुक्रवार को यहां हुई कार्यशाला में उन्होंने कहा कि आम जन सहभागिता से ही कोसी नदी पुनर्जनन अभियान की परिकल्पना साकार हो सकेगी।
विधायक चौहान ने कहा कि जीवनदायिनी कोसी नदी के लिए स्वत: स्फूर्त भावना से काम करना होगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के गधेरों, धारो और नौलों के जल संरक्षण के कार्यों में आगे आने का आह्वान किया। डीएम इवा आशीष ने बताया कि कैचमेंट एरिया और अन्य चिन्हित स्थानों पर इस वर्ष चार लाख से अधिक पौधे रोपे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जो भी संस्थाएं जल संरक्षण के लिए जिले में कार्य कर रही हैं, उनके सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। सीडीओ मयूर दीक्षित ने कोसी नदी पुनर्जनन के लिए किए जाने वाले कार्यों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खुली बैठकों से भी जल संरक्षण, संवर्द्धन के लिए आम लोगों को जागरूक करना होगा।
एसएसजे परिसर के भूगोल विभाग के एनआरडीएमएस केंद्र के निदेशक प्रो. जेएस रावत ने कहा कि कोसी नदी के पुनर्जनन करने में ग्रामीण क्षेत्र के प्रधान अहम भूमिका निभा सकते हैं।
अमन संस्था के रघु तिवारी ने कहा कि कोसी के पुनर्जनन के लिए समाज को जागरूक करना आवश्यक है। प्रधान संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र नयाल ने रेन वाटर हारवेस्टिंग पर जोर दिया।
जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने प्रधानों और जनप्रतिनिधियों से अधिक से अधिक सहयोग की अपील की। इस दौरान चिराग संस्था के अश्वत, बल्टा के अमर सिंह, छानी के मोहन सिंह दोसाद ने विचार रखे।