रानीखेत (अल्मोड़ा)। नगर पालिका गठित होने के बाद चिलियानौला के लोगों केे कूड़े से निजात मिलने की उम्मीद थी, इस बीच पालिका की दो बैठकें भी हो चुकी हैं, लेकिन कूड़ा निस्तारण को लेकर अभी तक कोई भी ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं।
यत्र-तत्र बिखरा कूड़ा संक्रामक रोगों को दावत दे रहा है। रही सही कसर बंदर और लावारिस जानवर पूरी कर दे रहे हैं। लेकिन नगरपालिका न तो अभी कूड़ा उठान की प्रक्रिया पूरी कर पाई है और ना ही ट्रंचिंग ग्राउंड का मसला ही सुलझा चुकी है।
मालूम हो कि पूर्व में ग्राम पंचायत का हिस्सा होने के कारण चिलियानौला में कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं थी।
लोग जगह-जगह कूड़ा डाल देते थे। लोगों ने बड़े नालों को कूड़ा घर बना दिया था। इस बीच चिलियानौला को 2016 में नगरपालिका बनाने की घोषणा हुई। एक माह पूर्व चिलियानौला में नगरपालिका के चुनाव हो चुके हैं। सात वार्ड गठित हैं। दो बार बोर्ड की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कूड़ा निस्तारण को लेकर अभी तक कोई ठोस कवायद नहीं हो सकी है।
हालांकि कई जागरूक लोग कूड़ेदानों की सफाई में भी लगे हुए हैं। नगरपालिका की तरफ से अभी तक न तो सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई और ना ही कूड़ा उठान की व्यवस्था की गई है। चुनाव के वक्त सभासद भी कूड़ा निस्तारण के मुद्दे को लेकर ही चुनाव लड़े थे।