अल्मोड़ा। कुमाऊं के अंतिम राजा रहे चंद शासक राजा आनंद सिंह की 132वीं जयंती जगदंबा दरबार डयोड़ीपोखर में धूमधाम से मनाई गई। राज पुरोहित नागेश चंद्र पंत और चंद वंशज और पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा ने राजा आनंद सिंह की आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया। उनके द्वारा समाज हित में किए गए कार्यों को याद किया गया।
राज पुरोहित नागेश चंद्र पंत ने कहा कि राजा आनंद सिंह समाज सेवी, सर्वधर्म प्रेमी, ज्योतिष मां जगदंबा के उपासक थे। वह 1921- 23 तक कुमाऊं के एमएलसी रहे। कुमाऊं के जवानों के लिए कुमाऊं रेजीमेंट (सेना) की स्थापना की। साथ ही किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए काम किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए उस दौर में पौधरोपण कार्यक्रम भी चलाया था। 25 मार्च 1938 में वह पंचतत्व में विलीन हो गए।
इस मौके पर राज पुरोहित नागेश पंत, हरीश पंत, दिनेश पंत, चंद्रेश पंत, कातिकेय पंत, आदित्य पंत, ललित मोहन पंत, गिरजाशंकर पंत, त्रिभुवन पांडे, गोकुल वाणी, निर्मला जोशी, विमला पांडे, हेमा पंत, विजया पंत, मंजू पंत, राधा बिष्ट, लता पांडे, आनंद सिंह बगड़वाल, नवीन बिष्ट, कैलाश गुरुरानी, सुनील जोशी, हयात रावत, अजय वर्मा, पूरन चंद्र उपाध्याय, पूजा उपाध्याय, दीप पांडे, जयश्री पांडे, खुशी पांडे आदि मौजूद थे।