मानिला (अल्मोड़ा)। गर्मी शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। सल्ट ब्लॉक के मानिला क्षेत्र के डोटियाल, रतखाल, सदर बाजार, क्वैरला, दबरा, नैल, पिटोली, ईडाकोट आदि गांवों और बाजार में भीषण पेयजल संकट शुरू हो गया है। जल संस्थान ने पेयजल संकट ग्रस्त कई गांवों में टैंकर से पानी बांटा।
सल्ट ब्लॉक के सदर बाजार, पिटोली, सकनड़ा आदि क्षेत्रों में पानी का सबसे ज्यादा संकट पैदा हो गया है। यहां लगे चार हैंडपंप सूख चुके हैं और अब केवल एकमात्र सोलर पंप लोगों की प्यास बुझा रहा है। इसमें भी चार पांच दिन से मटमैला पानी आ रहा है जो पीने योग्य नहीं है। शनिवार को जलसंस्थान ने मानिला के सदर इलाके में टैंकर से पानी बांटा। टैंकर पहुंचते ही पानी लेने वालों की भीड़ जमा हो गई। क्षेत्र के लोगों ने जल संस्थान और जिला प्रशासन से पेयजल संकट को देखते हुए जल संस्थान के टैंकरों के फेरे बढ़ाने की मांग की है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष शिवेंद्र रावत, प्रधान दिनेश नैलवाल, बीडीसी सदस्य गोपाल रावत, बलवीर टिकारी, सोनू तिवारी, हिम्मत सिंह कठायत, देवेंद्र जीना, प्रकाश नैनवाल, हेमचंद्र, महेश नैलवाल आदि ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पानी उपलब्ध कराने की मांग की है।
सल्ट के धुलाड़ और नैकणां में भी पेयजल आपूर्ति ठप
सल्ट ब्लॉक के अंतर्गत धुलाड़ और नैकणां पेयजल योजना में दो दिन से पेयजल आपूर्ति फिर बाधित हो गई है। इससे ग्रामीणों और बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को भी पानी ढोने के लिए मजबूर होना पड़ रह है। मौलेखाल निवासी योगेंद्र अधिकारी ने बताया कि जल स्रोतों में पानी कम होने के कारण पानी आधे से भी कम हो गया है। रिक्वासी गांव की ग्राम प्रधान गायत्री देवी ने बताया कि रिक्वासी गांव में तीन महीने से पानी की आपूर्ति ठप है। वहां लगा एक हैंडपंप भी दो माह से खराब है। जल संस्थान ने उसे अब तक ठीक नहीं कराया है। गामीणों का पूरा दिन पानी ढोने में निकल रहा है।
खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक किया जा रह है। इसके साथ ही दो प्राइवेट टैंकरों के जरिये पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में पानी वितरित किया जाएगा। - महीप शर्मा, जेई, जल संस्थान