अल्मोड़ा। 2015 में पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की शुरुआत की थी। योजना के तहत लाभार्थियों को पक्के किफायती आवास उपलब्ध कराने थे। अल्मोड़ा जिले में 154 लाभार्थियों ने इसके लिए आवेदन किया था, लेकिन इन सभी लाभार्थियों को यह आवास उपलब्ध नहीं हो पाएंगे, क्योंकि पालिका के पास आवासहीन और मलिन बस्तियों के लिए जमीन ही उपलब्ध नहीं है। अन्य श्रेणियों में भी लाभार्थियों को अनुदान नहीं मिल पाया है।
25 जून 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना-सबके लिए आवास (शहरी) की शुरुआत की थी। जिसमें चार श्रेणियों में लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने थे। पहली श्रेणी मलिन बस्ती पुनरविकास है। जिसमें जिले भर से 65 आवेदन जमा हुए। श्रेणी के तहत चिन्हित मलिन बस्तियों में भवनों को तोड़कर जगह खाली करने के बाद नए भवन बनाने थे। दूसरी श्रेणी किफायती आवास है। इस श्रेणी में पालिका अपनी जमीन में किसी ठेकेदार को ठेका देकर आवास निर्माण कराने और आवेदकों को योजना के तहत छूट देते हुए आवास उपलब्ध कराना था। इस श्रेणी में 89 लोगों ने आवेदन किए हैं। इस योजना में वह आवेदक हैं जिनके पास न तो अपना मकान है और ना ही जमीन।
लेकिन इन दोनों श्रेणियों में कुल 154 लाभार्थियों के लिए पालिका के पास जमीन उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा लाभार्थी आधारित निर्माण श्रेणी में 186 लोगों को भी आवास के लिए दो लाख रुपये तक का अनुदान नहीं मिला है। जबकि ऋण से जुड़े अनुदान द्वारा किफायती आवास श्रेणी में 192 लाभार्थियों में से चार को ही बैंक से ऋण मिला है।
पीएम आवास योजना (शहरी) 2015 में शुरू हुई थी। योजना की दो श्रेणियों में लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने के लिए पालिका के पास जमीन उपलब्ध नहीं है। अन्य दो श्रेणियों के आवेदन ऑनलाइन शासन को भेज दिए गए हैं। - मनोज कर्नाटक, नगर परियोजना प्रबंधक, अल्मोड़ा।