अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी कार्यालय में हुई बैठक में वक्ताओं ने जिला विकास प्राधिकरण का विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण में इतनी खामियां हैं कि वे भोली भाली जनता की समझ से परे हैं। प्राथमिक जटिलताएं इतनी हैं कि एक आम आदमी के घर का सपना बिखर रहा है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र भौगोलिक संरचना में अत्यधिक जटिलता वाला है। एक आम आदमी के पास इतना पैसा नहीं होता है कि वह काफी भूभाग को खरीद पाए अथवा मकान बना सके। विकास प्राधिकरण को भवन का महंगा शुल्क अलग से देना पड़ेगा। सरकार ने प्राधिकरण बनाकर नगर पालिकाओं के आय के सभी स्रोत समाप्त कर दिए गए हैं। इस कारण भविष्य में नगर पालिका वित्तीय संकट से गुजरेगी।
उन्होंने परिसीमान मामले में उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले का स्वागत किया और कहा कि गांवों को पालिका में मिलाने से यह क्षेत्र भी भू माफियाओं की शरणस्थली बन जाएंगे। ऐसे में न्यायालय का फैसला मील का पत्थर साबित होगा। बैठक में उपपा केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, आनंदी वर्मा, आनंदी मनराल, रंजना, विमला, जेसी, लीला आर्य, अनीता बजाज आदि मौजूद थे।