रानीखेत (अल्मोड़ा)। दो साल पूर्व द्वाराहाट क्षेत्र में हुई माओवादी घटना में गिरफ्तार एरिया कमांडर अभियुक्त देवेंद्र चम्याल और भगवती भोज को साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट रानीखेत ने दोषमुक्त करार दे दिया है। मई 2017 में द्वाराहाट क्षेत्र में कई स्थानों पर माओवाद समर्थित पोस्टर, पर्चे और दीवारों पर भड़काऊ नारे आदि लिखे गए थे। इसके बाद पुलिस लगातार अल्मोड़ा पेटशाल दशाऊं निवासी देवेंद्र चम्याल और सोमेश्वर निवासी भगवती भोज की तलाश कर रही थी।
23 सितंबर 2017 में हल्द्वानी के चोरगलिया से दोनों को गिरफ्तार किया गया था।
बता दें कि दो साल पूर्व द्वाराहाट विकासखंड के कई स्थानों पर माओवादी घटनाएं हुई, माओवाद से संबंधित पोस्टर, पर्चे और दीवारों पर भड़काऊ नारे इत्यादि लिखे गए थे।
24 मई 2017 को पीजी कालेज और जीआईसी की दीवारों में भड़काऊ नारे लिखे गए। नौ जून 2017 को रानीखेत रोड़, गौचर आदि स्थानों पर भी पर्चे वितरित किए गए थे। इन मामलों में अल्मोड़ा पेटशाल निवासी देवेंद्र चम्याल और लखनाड़ी सोमेश्वर निवासी भगवती भोज को नामजद किया गया था, तब से दोनों फरार चल रहे थे। पुलिस ने देवेंद्र पर 50 हजार रुपये का इनाम भी रखा हुआ था।
दोनों पर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त सहित कई गंभीर धाराएं थीं। द्वाराहाट थाने में दोनों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। 23 सितंबर 2017 को दोनों हल्द्वानी के चोरगलिया से गिरफ्तार हुए तब से दोनों लगातार रानीखेत न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेशी दे रहे थे। मंगलवार को भी दोनों पेशी देने पहुंचे लेकिन पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों अभियुक्तों को दोषमुक्त करार दे दिया है।