अल्मोड़ा। संकुल केंद्र सरस्वती शिशु मंदिर जीवनधाम में हुई आचार्यों की बैठक में विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. एसएस पथनी ने कहा कि ज्ञान का सृजन विद्यार्थी करता है, अध्यापक सुगमकर्ता है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती द्वारा निर्धारित लक्ष्य के आधार पर बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देनी होगी।
उन्होंने कहा कि आचार्यों को नित्य स्वाध्याय, टीचिंग प्लान की तैयारी करके विद्यालय आना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से सुझाव लिए। शिक्षण में आने वाली समस्याओं और व्यक्तिगत समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली। प्रधानाचार्य भैरव सिंह कार्की ने कहा कि शिक्षण कार्य को और अधिक उत्तम बनाने की जरूरत है।
बच्चों की समस्या को ध्यान में रखकर शिक्षण देना चाहिए। विद्यालय के पूर्व छात्र रितेश वर्मा के सहायक अभियोजन अधिकारी के पद पर चयनित होने पर व्यवस्थापक सतीश गुप्ता, प्रबंध समिति के सदस्यों और प्रधानाचार्य ने प्रसन्नता जताई है। बैठक में विद्यालय के आचार्य मौजूद थे।