अल्मोड़ा। नगर के जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक में मरीजों को देने के लिए खून नहीं है। जो खून है भी वह इमरजेंसी के लिए रखा गया है। डोनरों के आगे नहीं आने से पिछले 15 दिन से यह समस्या आ रही है। इसके अलावा थैलीसिमिया के बच्चों के लिए भी खून की कमी हो रही है।
विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर लगाने और डोनरों के आगे आने से ब्लड बैंक में बराबर ब्लड उपलब्ध रहता है। ब्लड बैंक से अस्पताल में भर्ती मरीजों या फिर आपरेशन के वक्त गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना के वक्त पीड़ितों को जरूरत के मुताबिक खून दिया जाता है, लेकिन पिछले 15 दिन से जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में केवल इमरजेंसी सेवा के लिए मात्र 15 यूनिट ही खून बचा है।
ब्लड बैंक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार ए पाजीटिव, ओ और बी रक्त की आवश्यकता है। खासकर ए पाजीटिव रक्त की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है। इधर ब्लड बैंक में खून की कमी होने से थैलीसिमिया रोग (आनुवांशिक बीमारी, जिसमें शरीर में सफेद रक्त कणिकाओं की कमी हो जाती है) से पीड़ित बच्चों का भी रक्त बदलने में दिक्कत आ रही है। थैलीसिमिया पीड़ित रोगियों को प्रत्येक माह खून चढ़ाना पड़ता है।
इधर ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. आरएस साही के अनुसार डोनरों के आगे नहीं आने से ब्लड बैंक में पर्याप्त ब्लड उपलब्ध नहीं है। कम से कम 30 यूनिट ब्लड ब्लड बैंक में रहना चाहिए। फिलहाल रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए कई जगहों पर संपर्क किया गया है। जल्द ही समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।