अल्मोड़ा। इस साल फायर सीजन में जिले में आग की 214 घटनाएं हो चुकी हैं। जिसमें 511.66 हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर नष्ट हो गया है। तमाम दावे करने के बावजूद वन विभाग आग की घटनाओं को नियंत्रित करने में असफल रहा है। आग की घटनाओं को लेकर जिले में अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
फायर सीजन में 15 फरवरी से अब तक अल्मोड़ा वन प्रभाग में वनाग्नि की 143 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जिसमें 332 हेक्टेयर वन क्षेत्र जल गया है।
वहीं सिविल सोयम वन प्रभाग में 71 घटनाओं में 179.66 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग से जल गया। एक हफ्ते पहले अल्मोड़ा वन प्रभाग में आग लगने की 106 घटनाएं और 251.30 हेक्टेयर प्रभावित हुआ था। वहीं सिविल सोयम में 60 घटनाओं में 151.56 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ था। इसमें वन पंचायतों में हुई आग की घटनाएं भी शामिल है।
हालांकि फायर सीजन से पहले ही वन विभाग ने तैयारियां तो शुरू कर दी थीं, लेकिन आग की घटनाओं के दौरान उसे रोकेने के प्रयास में वह नाकाम रहा। जिले में 29 क्रू स्टेशनों में कर्मचारियों को तैनात करने के अलावा 115 फायर वाचर भी रखे गए थे।
इस बार अग्निशमन विभाग के अलावा, पैरालीगल वालियंटर्स भी आग बुझाने में सक्रिय रहे। इसके अलावा जिला प्रशासन, राजस्व पुलिस को भी वनाग्नि की घटनाओं में वन विभाग को सहयोग करने के निर्देश दिए गए थे। इन सबके बावजूद आग लगने की 214 अपने आप में वन विभाग की तैयारियों पर सवाल छोड़ रही है।