अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि राज्य सरकार नगर निकाय के चुनाव समय पर कराने के लिए तैयार है। इस संबंध में उनकी मंगलवार रात राज्य चुनाव आयुक्त सुवर्द्धन से भी बात हो चुकी है।
अल्मोड़ा सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में छठी से 12वीं तक के बच्चों के लिए दो आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे। इसमें एक अल्मोड़ा में खोला जाएगा। जिसमें बच्चों का पारदर्शिता से प्रवेश होगा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण में मानचित्र पास करने के शुल्क में 70 प्रतिशत की कमी कर दी गई है।
पत्रकारों से सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नगर निकाय के चुनाव हर हाल में समय पर कराने को तैयार है। सरकार की तैयारियों में कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि मंगलवार देर रात उनकी राज्य चुनाव आयुक्त सुवर्द्धन के साथ बात हुई और उन्हें सरकार की तैयारियों के बारे में जानकारी दे दी गई है।
इसके बावजूद अगर चुनाव आयोग ने हाइकोर्ट में सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं तो यह बहुत खेदजनक है। हालांकि उन्हें राज्य चुनाव आयुक्त के किसी बयान के बारे में जानकारी नहीं है लेकिन अगर उनका ऐसा बयान आया है तो यह समझ से परे है। इससे उन्हें कष्ट हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छठी से 12वीं तक के बच्चों के लिए राज्य में दो आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे। इन दोनों विद्यालयों को डिजिटल बनाया जाएगा और वहां बच्चों की अभिरुचि के मुताबिक उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाएगी। इन विद्यालयों में चयन पारदर्शिता के आधार पर होगा। चाहे बच्चे निर्धन परिवारों से हों या अमीर परिवारों से, चयन में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 36 अस्पतालों को टेलीमेडिसिन सुविधा से जोड़ दिया गया है। इनमें 22 अस्पतालों में टेलीरेडियोलॉजी सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है। जल्द ही बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमनोत्री के अस्पताल भी टेलीमेडिसिन सुविधा से जुड़ जाएंगे। सीएम ने कहा कि राज्य के अस्पतालों में हाल ही में 1143 डॉक्टरों की तैनाती कर दी गई है।
बेस अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन भी जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी जिलों में जिला विकास प्राधिकरण का गठन सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन पर किया गया है। सरकार को पता लगा है कि मानचित्र पास करने के शुल्क की दरें देहरादून जिले जैसी ही लागू कर दी गई हैं। इसे अब 70 प्रतिशत कम कर दिया गया है।