अल्मोड़ा की करीब 40 साल पुरानी प्रसिद्ध दवा फैक्ट्री आल्पस फार्मास्युटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में अब ताले लगने तय हो गए हैं। वर्तमान प्रबंधन द्वारा देना बैंक गांधीनगर गुजरात से लिए गए करोड़ों के लोन की अदायगी नहीं होने पर बैंक ने कंपनी की संपत्ति पर कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला मजिस्ट्रेट ने बैंक को दवा कंपनी की संपत्ति पर कब्जा दिलाने के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए हैं। बताया गया है कि अब किसी भी दिन बैंक के अधिकारी अल्मोड़ा पहुंचकर आल्पस फैक्ट्री पर कब्जा ले लेंगे।
अल्मोड़ा की आल्पस दवा फैक्ट्री की स्थापना 1975-76 में हुई थी। बाद में 2005-06 में कंपनी का प्रबंधन बदल गया और गुजरात के कुछ व्यवसायियों ने अधिकांश शेयर खरीदकर कंपनी पर मालिकाना हक ले लिया। बताया गया है कि पातालदेवी में स्थित कंपनी के वर्तमान प्रबंधन से जुड़े निदेशकों ने10 साल पहले देना बैंक की कलोल गांधीनगर गुजरात शाखा से करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लिया था। कंपनी पिछले कई सालों से लोन की किश्तें समय पर नहीं दे पा रही थी। कुछ साल पहले इस कंपनी में 300 से अधिक कर्मचारी काम करते थे, लेकिन धीरे-धीरे कंपनी की हालत खराब होती गई। वर्तमान में कंपनी में लगभग 100 कर्मचारी काम कर रहे हैं। बताया गया है कि कंपनी पर अब तक देना बैंक की ही 30 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी हो चुकी है। जिससे बैंक ने कुछ समय पहले ही सरफसी एक्ट की धारा 14 (1 और 2) के तहत बैंक और जमानतियों की संपत्ति पर कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू कर दी थी। इसके लिए बैंक के अधिकारी नियत समय पर आल्पस फैक्ट्री में नोटिस भी चस्पा कर गए थे।
अब बैंक ने बंधक संपत्ति पर कब्जा लेने की तैयारी शुरू कर दी है। बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक ने जिला मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर संपत्ति पर कब्जा दिलाने के लिए सुरक्षा बल उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। इधर जिला मजिस्ट्रेट ने इस संबंध में एसएसपी को पत्र लिखकर आल्पस कंपनी की संपत्ति पर कब्जा दिलाने के लिए थानाध्यक्ष को निर्देशित करने और जरूरी पुलिस बल उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही एसडीएम सदर को भी इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। बताया गया है कि बैंक के अधिकारी किसी भी दिन गुजरात से अल्मोड़ा पहुंचकर जल्द ही इस दवा कंपनी पर कब्जा ले लेंगे। इधर एसडीएम सदर विवेक राय ने बताया है कि देना बैंक गांधीनगर गुजरात द्वारा आल्पस फैक्ट्री की संपत्ति पर कब्जा दिलाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट के निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।