गर्मी बढ़ने के साथ ही मौलेखाल ब्लाक के 12 से अधिक गांवों में पानी का भारी संकट हो गया है। एक सप्ताह से पेयजल लाइनों में एक बूंद पानी नहीं टपक रहा है। ग्रामीण वाहनों के माध्यम से पानी ढो रहे हैं। एक कनस्तर पानी 40 रुपये में बिक रहा है। ग्रामीणों ने पेयजल किल्लत दूर नहीं होने पर चक्काजाम करने की चेतावनी दी है।
मौलेखाल ब्लाक के जाललीखान, कफड़ाढैया, मौलेखाल, कपटुवा, देवायल, पोखरी, बैला, हिनौला, झिमार, पैंसिया, शशिखाल, भवाली, कटरिया, खुमाड़, शकरखोला, घककोट समेत 12 गांवों में सप्ताहभर से पानी की जबरदस्त किल्लत है। गांवों में पेयजल आपूर्ति करने वाली पेयजल लाइनों में एक सप्ताह से पानी की एक भी बूंद नहीं टपक रही है। गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी की किल्लत बढ़ते जा रही है। ग्रामीण जीपों के माध्यम से पानी ढो रहे हैं।
एक कनस्तर पानी 40 रुपये में मिल रहा है। कुछ गांवों में ग्रामीण स्थानीय पेयजल स्रोतों से पानी ढो रहे हैं। यह पानी भी परिवार और मवेशियों के लिए नाकाफी साबित हो रहा है। मौलेखाल में हैंडपंप तो लगा है लेकिन उसमें फिल्टर न होने से यह पानी पीने योग्य नहीं है। ग्रामीणों ने एसडीएम श्याम सिंह राणा के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजकर पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की है। उन्होंने पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं होने पर मौलेखाल में चक्काजाम करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में प्रहलाद रावत, मदन घुघत्याल, इंद्र सिंह, सुंदर बोरा, शिवेंद्र बोरा, महेंद्र बोरा, श्याम भंडारी, भुवन अधिकारी, दीपक सिंह, गोपाल भंडारी, नंदन सिंह, मुकेश गुसाई, सुरेंद्र सिंह, जोगेंदर अधिकारी, पान सिंह कड़ाकोटी आदि शामिल थे।