अल्मोड़ा। कोरोना संक्रमण के खतरे से पांच से 12 साल के बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारियों में जुट गया है। हालांकि अभी स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में शासन से कोई गाइडलाइन नहीं मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 30 से 35 हजार बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक भी कर रहा है। सीएमओ डॉ. आरसी पंत ने बताया कि अभी पांच से 12 साल के बच्चों के लिए टीके की डोज नहीं मिली है लेकिन स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण के लिए पूरी तैयारी में है। टीका मिलते ही सभी ब्लॉकों में इन्हें भेज दिया जाएगा। पुराने टीकाकरण केंद्रों और स्कूलों में बच्चों को टीका लगाने की सुविधा दी जाएगी। बूस्टर डोज लगाने का क्रम भी जिले में जारी है। 18 साल तक के बच्चों का टीकाकरण अभियान भी लगातार जारी है।
आपके बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी जिम्मेदारी के साथ तैयार है। कुछ ही दिन में 05 से 12 साल के बच्चों का टीकाकरण अभियान शुरू हो जाएगा। आप अपने नजदीकी केंद्र में जाकर बच्चों को कोरोना का टीका लगाकर उनके जीवन को सुरक्षित करें। टीके का कोई दुष्प्रभाव नहीं है। इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
- डॉ. आरसी पंत, सीएमओ अल्मोड़ा।
कोरोना के खतरे से लोगों को बचाने के लिए सरकार ने कोरोना का टीका इजाद किया है। अब बच्चों के लिए भी टीका बनने के बाद बच्चों को भी इस खतरे से बचाया जा सकता है। सभी अभिभावकों से अपील है कि वह अपने बच्चों और समाज को कोरोना से सुरक्षित करने के लिए टीकाकरण कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें और खुद को भी टीका अवश्य लगाएं।
- कल्याण मनकोटी, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक।
छोटे बच्चों का टीकाकरण शत प्रतिशत पूरा हो इसके लिए गांव में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और एएनएम के माध्यम से बच्चों को टीका लगाया जाएगा। गांव के सभी लोगों से अपील है कि अपने बच्चों को हर हाल में टीका लगाकर उनके जीवन के साथ ही अपनी ग्रामसभा को भी कोरोना मुक्त कर खुशहाल बनाएं।
- सुंदर सिंह थपनिया, ग्राम प्रधान थपनिया।
अपने गांव में हम पंचायत भवन में टीकाकरण कार्यक्रम चलाऐंगे। स्कूलों में भी बच्चों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम चलेगा। जो बच्चे टीका लगाने से छूट जाऐंगे उन्हें घर जाकर टीका लगाया जाएगा। ग्रामसभा के लोगों से अपील है कि वह अपने बच्चों को टीका लगाएं और अगर खुद टीका नहीं लगाया है तो खुद को भी टीका लगाएं। सभी को मिलकर कोरोना से लड़ना है।
- भोपाल सिंह लटवाल, ग्राम प्रधान चौसली गांव। 3
टीके लगाने के निर्णय का अभिभावकों ने किया स्वागत
बागेश्वर। बच्चों को टीके लगाने के निर्णय का अभिभावकों ने स्वागत किया है। अभिभावकों का कहना है कि इससे बच्चों को कोरोना से लड़ने की ताकत मिलेगी। खतरा कम हो जाएगा। सरकार के निर्णय से अभिभावक उत्साहित हैं। अभिभावकों का कहना है कि किशोरवय के लोगों को कोविड के टीके लग चुके हैं। पांच साल से 12 साल के बच्चों को टीका लगाने का निर्णय लेकर सरकार ने अच्छा फैसला लिया है। बच्चों को टीके लगने से उनकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी।
सरकार का टीके लगाने का निर्णय स्वागत योग्य है। इससे न केवल बच्चों बल्कि अभिभावकों का भी मनोबल बढ़ेगा।
चंदन सिंह थायत निवासी पुरड़ा बागेश्वर
सरकार की मुहिमन सराहनीय है। किशोरों को टीके लग चुके हैं। बच्चों को टीके लगने से कोरोना के प्रति भय कम होगा।
हरीश तिवारी निवासी ग्वाड़पजेना बागेश्वर
पांच से 12 वर्ष उम्र के बच्चों को कोरोना का टीका लगाने का निर्णय अच्छा है। टीका लगने के बाद बच्चे बेझिझक स्कूल जा पाएंगे।
जया पांडेय निवासी बागेश्वर