ताड़ीखेत विकासखंड की 35 ग्राम सभाओं में पिछले तीन दिनों से पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, लेकिन संबंधित विभागों को इससे कोई सरोकार नहीं है। ग्रामीण जल स्रोतों के चक्कर काट रहे हैं।
इन गांवों में प्राचीन गगास-ताड़ीखेत पेयजल योजना से आपूर्ति की जाती है, लेकिन पुनर्गठन नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्र की पाइप लाइन जीर्ण-शीर्ण हो चुकी है। बताया गया है कि रायस्टेट के पास पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हुई है, मरम्मत के लिए कर्मचारियों को पापड़ बेलने पड़ रहे हैं।
ताड़ीखेत-गगास पेयजल योजना 1970 में बनी थी, इस योजना से सेना और ग्रामीण क्षेत्रों की 35 ग्राम सभाओं में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। घिंघारीखाल से सेना के लिए अलग पाइप लाइन बनी है।
स्थापना के बाद से इस योजना का पुनर्गठन नहीं हो सका है। दो साल पूर्व सेना की पाइप लाइन का पुनर्गठन तो हो गया, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी घिसी पिटी पाइप लाइन से कार्य चल रहा है।
इधर, तीन दिन से राय स्टेट पर पाइप लाइन फटी हुई है। तीन दिन बाद भी मरम्मत नहीं हो पाई है। हालांकि जलनिगम के कर्मचारी उसे ठीक करने में लगे हुए हैं। ताड़ीखेत, गनियाद्योली, उपराड़ी सहित पूरे गांवों की 35 हजार की आबादी पानी के लिए परेशान है।