द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। गर्मियों में पेयजल संकट से निपटने के लिए बिंता क्षेत्र की महिलाओं ने पारंपरिक नौलों, धारों के रखरखाव का कार्य शुरू कर दिया है। मालूम हो कि क्षेत्र में कई पारंपरिक नौले, धारे हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में अधिकतर नौले जीर्ण-शीर्ण हैं। महिलाओं ने नौलों की सफाई कर वहां पेंटिंग का भी कार्य किया।
मालूम हो कि क्षेत्र में गर्मियों में पेयजल किल्लत रहती है। जिसके चलते पारंपरिक नौले, धारों पर लोग निर्भर हो जाते हैं। क्षेत्र में कई स्थानों पर नौले, धारे हैं, लेकिन अधिकतर नौले, धारे झाड़ियों से पटे हुए हैं। इनके जीर्णोंद्धार के लिए भतौरा गांव की महिलाएं आगे आई हैं।
महिलाओं ने पहले झाड़ियों की सफाई की। गांव के आने-जाने वाले आम रास्तों में उगी झाड़ियों को भी महिलाओं ने सफाई कर उन्हें चलने योग्य बना दिया है। महिला मंगल दल अध्यक्ष हेमा जोशी ने निजी सहयोग से नौलों में पेंटिंग का कार्य भी किया। महिलाओं की इस शानदार कार्य की हर तरफ सराहना हो रही है।