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31 हैंडपंपों से लोगों को नहीं मिल पा रहा पानी

Tue, 25 Jun 2019 11:22 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो  चंपावत।
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हैंडपंप का हत्था दीवार से टकराने के कारण अनुपयोगी बना लोहाघाट रोडवेज स्टेशन का हैंडपंप। - फोटो : अमर उजाला
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पेयजल किल्लत के बीच लोगों के लिए हैंडपंप सहारा बने हुए हैं लेकिन जिले में कई जगह हैंडपंपों की खस्ताहालत परेशानी का सबब बन रही है। कहीं हैंडपंप खराब हैं तो कहीं हैंडपंप का हत्था चलने लायक नहीं है। कहीं हैंडपंप की लंबाई इस तरह है कि पानी भरने के लिए बाल्टी लगाना भी टेड़ी खीर बन रहा है।
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चंपावत जिले में लगे 775 हैंडपंप गर्मियों में पानी की किल्लत के दौरान लोगों के लिए खासे मददगार बनते हैं। इन हैंडपंपों से 20 हजार से अधिक लोग पानी भरते हैं। इन हैंडपंपों में से करीब 31 से अधिक हैंडपंप खराब हैं या पानी नहीं दे पा रहे हैं अथवा लाल पानी निकलने से अनुपयोगी बने हैं। वहीं कुछ हैंडपंप ऐसे भी हैं जिनमें पानी तो है लेकिन वे दूसरी खामियों की वजह से काम नहीं आ रहे हैं। चौकी गांव के हैंडपंप में पानी है लेकिन इस हैंडपंप में बर्तन रखने का स्थान इतना छोटा है कि इसके नीचे सामान्य बाल्टी को रखना भी कठिन हो रहा है। क्षेत्र के गिरीश राम बताते हैं कि बाल्टी रखने में असुविधा से पानी निकालने में कठिनाई होती है।


मांदली के पास के हैंडपंप का उपयोग नहीं होने से इसके चारों तरफ ऊंची-ऊंची घास हो गई है। लोहाघाट रोडवेज स्टेशन के पास यात्रियों को पेयजल मुहैय्या कराने वाला हैंडपंप रोडवेज की दीवार बनाए जाने से उपयोग लायक नहीं रह गया है। रोडवेज परिसर के किनारे स्थित इस हैंडपंप का हत्था रोडवेज की दीवार से टकराने की वजह से नहीं चल पाता है। नागरिकों ने इन हैंडपंपों को ठीक करने के साथ खराब हैंडपंपों की जल्द मरम्मत करने की मांग की है। वहीं रोडवेज के एजीएम केएस राणा का कहना है कि हैंडपंप को उपयोग लायक बनाने के लिए रोडवेज की दीवार में सुधार किया जाएगा।
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औद्योगिक आस्थान में न पानी आ रहा है, न ही हैंडपंप ठीक है
चंपावत। चंपावत के औद्योगिक आस्थान में न तो पेयजल आपूर्ति हो पा रही है और न ही यहां का हैंडपंप ठीक है। इसके चलते इस औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयां पानी के लिए तरस रही हैं। फल संरक्षण के स्वामी उद्यमी महेश चौड़ाकोटी बताते हैं कि यहां आम धोने के लिए पानी तक नहीं है। कुछ समय से खराब हैंडपंप भी ठीक नहीं हो सका है। कभी कभार पिकअप जीप से जल संस्थान ने कुछ पानी जरूर दिया लेकिन ये औद्योगिक आस्थान की जरूरत के हिसाब से नाकाफी था।

कोट
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक चंपावत जिले के 775 हैंडपंपों में सिर्फ पांच खराब हैं। अगर इस बीच किसी हैंडपंप में खामी आई होगी तो उसे तुरंत दुरुस्त कराया जाएगा। हैंडपंपों में गड़बड़ी होने की सूरत में विभागीय नंबर पर जानकारी दी जा सकती है ताकि उन्हें जल्द से जल्द ठीक कराया जा सके। प्रशांत वर्मा, अपर सहायक अभियंता, जल संस्थान।
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