अल्मोड़ा। ऑनलाइन दवाओं की बिक्री (ई-फार्मेसी) के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स की ओर से आहूत राष्ट्रव्यापी बंद के तहत जिले के सभी 300 मेडिकल स्टोरों में ताले लटके रहे। मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीजों और तीमारदारों को दवा के लिए भटकना पड़ा। इससे उन्हें परेशानियों से जूझना पड़ा।
बुधवार को दवा व्यवसायियों ने नगर के चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना उचित निगरानी के दवाएं बेच रहे हैं जिससे मरीजों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ सकता है। ई-फार्मेसी के लिए नए और सख्त नियम बनाए जाएं ताकि फर्जी पर्चियों का इस्तेमाल रोका जा सके। कहा ऑनलाइन दवाओं की बिक्री से छोटे मेडिकल स्टोर कारोबारियों पर बड़ा असर पड़ रहा है। छोटे व्यवसायी ऑनलाइन कंपनियों के 20 फीसदी से 50 फीसदी डिस्काउंट का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए छोटे व्यवसायियों को सुरक्षा दी जाए।
धरने पर उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बीएस मनकोटी, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष वर्मा, जगदीश चंद्र पंत, राघव पंत, कस्तूरी लाल, वीरेंद्र बृजवाल, हरीश फत्र्याल, महेंद्र जोशी, देवेंद्र मेहरा, देवेश पंत, भुवन गुरुरानी, सुभाष कर्नाटक, अक्षय भट्ट आदि मौजूद रहे।
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पत्नी बीमार है। उसकी दवा लेने बाजार आए थे लेकिन मेडिकल स्टोर बंद होने के कारण दवा नहीं मिल पाई। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। दवा नहीं मिलने से उनकी तबीयत और बिगड़ सकती है। -मनोज भट्ट
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बेटी का स्वास्थ्य खराब चल रहा है। उसकी दवा खत्म हो गई थी। दवा लेने बाजार आया था लेकिन सभी मेडिकल स्टोर बंद होने से दवा नहीं मिल पाई। इससे काफी दिक्कतें हुईं। अब दवा खरीदने दोबारा आना पड़ेगा। -मनोज घुघत्याल
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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्ट की हड़ताल
रानीखेत (अल्मोड़ा)। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर बुधवार को जिलेभर के केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में सांकेतिक हड़ताल की। इस दौरान मेडिकल स्टोर बंद रखकर आंदोलन को समर्थन दिया गया। रानीखेत के पंत पार्क में आयोजित सभा में अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पांडे ने कहा कि अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री छोटे केमिस्ट कारोबारियों के अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है जिसपर सरकार को तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। वहां बीके सती, भास्कर कपिल, एसडी पांडेय, महेंद्रकुमार, कमल भट्ट, हरीश नैनवाल, रमेश कुमार बंसल आदि थे। संवाद