अल्मोड़ा। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में राज्य के स्थायी निवासी को ही लाभान्वित किया जाता है, लेकिन आरटीआई से मिली एक सूचना में सोमेश्वर में एक व्यक्ति ने फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र के आधार पर 20 लाख का ऋण प्राप्त कर लिया। इधर एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने कहा है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत निवास प्रमाणपत्र की जांच की जाएगी और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इधर जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने कहा है कि दस्तावेज फर्जी पाए गए तो सब्सिडी स्वीकृत नहीं होगी।
आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक सोमेश्वर निवासी राजेंद्र सिंह राणा ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत रेस्टोरेंट के लिए 20 का ऋण प्राप्त कर लिया।
एक व्यक्ति ने तहसील से आरटीआई के तहत जानकारी ली जिसमें इस बात का खुलासा हुआ है कि इस व्यक्ति द्वारा प्रस्तुत स्थायी निवास प्रमाणपत्र फर्जी है। इस बारे में पूछे जाने पर एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और यदि निवास प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया तो इस मामले में दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इधर जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने बताया कि यह मामला उनके कार्यकाल का नहीं है लेकिन यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाएंगे तो सब्सिडी स्वीकृत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित व्यक्ति को अभी सब्सिडी अवमुक्त नहीं हुई है। अब दोबारा मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।