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न्यायालय ने गलत जानकारी देने पर पुलिस कर्मियों की जांच के आदेश दिए

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अल्मोड़ा। विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया और न्यायालय में गलत जानकारी देने पर मामले के वादी भतरौंजखान थाने के एसआई और गवाह दो पुलिस कर्मियों के खिलाफ एसएसपी को जांच करने के आदेश जारी करते हुए केस गलत पाए जाने पर पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
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घटनाक्रम के अनुसार भतरौंजखान पुलिस ने 24 जनवरी 2018 को इनोवा कार संख्या यूके 04 जे-5509 में चार कट्टे गांजे के साथ आरोपी सुखवीर यादव पुत्र महेश यादव ग्राम बलभद्र रामपुर थाना भगतपुर मुरादाबाद और राजेंद्र सिंह पुत्र दयाल सिंह थारी हल्दुवा रामनगर को गिरफ्तार कर लिया था।

इस मामले में भतरौंजखान थाने के एसआई हरीश प्रसाद वादी थे। मामले की सुनवाई विशेष सत्र न्यायाधीश डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा की अदालत में हुई। विशेष सत्र न्यायाधीश ने मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का अवलोकन किया। मामले में अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध करने में असफल रहा। जिससे अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया।
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मामले में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर लखचौरा और अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह मियान ने पैरवी करते हुए साक्ष्य पेश किए। कोर्ट में वादी एसआई हरीश प्रसाद आरोपियों की सही पहचान करने में विफल रहे। कोर्ट में वादी और गवाहों की ओर से कहा गया कि उन्होंने गिरफ्तारी के वक्त आरोपियों को धारा 50 के अंतर्गत राजपत्रित अधिकारी अथवा मजिस्ट्रेट के सम्मुख तलाशी कराने का विकल्प दिया था, लेकिन फर्द में इस बात का जिक्र नहीं किया गया था।
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न्यायाधीश ने इसे गंभीर बताते हुए एसएसपी को तीनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच करने और जांच में मुकदमा गलत पाए जाने पर कार्रवाई करने का आदेश दिए हैं।
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