रानीखेत (अल्मोड़ा)। भारी बारिश के बावजूद रानीखेत क्षेत्र के गांवों में पिछले एक हफ्ते से पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। पिछले हफ्ते चौकुनी के पास ट्रांसफार्मर फुंका था, जिसे आज तक ठीक नहीं किया गया है, जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में भारी पेयजल किल्लत बनी हुई है।
गनियाद्योली, चिलियानौला सहित एक दर्जन से अधिक क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। कड़ाके की ठंड में लोग पारंपरिक पेयजल स्रोतों पर निर्भर होकर रह गए हैं। मालूम हो कि ताड़ीखेत ब्लॉक की 32 ग्राम सभाओं में गगास-ताड़ीखेत पेयजल योजना से आपूर्ति होती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बिछी पाइप लाइनों का आज तक पुनर्गठन नहीं हो सका है। यह योजना 1970 में अस्तित्व में आई थी, पुनर्गठन नहीं होने के कारण आए दिन पाइप फट जाते हैं और पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
इस बीच बारिश और बर्फबारी के बावजूद गनियाद्योली सहित आसपास के क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति पिछले चार दिनों से ठप है। चिलियानौला क्षेत्र में भी तीन दिन से योजना का पानी नहीं आया। जल संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि जल निगम द्वारा पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं की जा रही है।
निर्माणाधीन चिलियानौला ग्राम समूह पेयजल योजना से बमुश्किल आपूर्ति की जा रही है। जल संस्थान के अवर अभियंता मनोज पांडे ने बताया कि चौकुनी के समीप एक हजार केवी का ट्रांसफार्मर फुंकने से गगास-ताड़ीखेत पेयजल योजना की आपूर्ति बाधित हुई है। विभाग की ओर से पानी के संकट को देखते हुए गनियाद्योली आदि क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई है।