अल्मोड़ा। लोअर मालरोड में 16 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे अंतर्राज्यीय बस अड्डे (आईएसबीटी) का निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। निर्माण एजेंसी ने अवमुक्त हुए 5.78 करोड़ की धनराशि का कार्य पूरा कर लिया है। विभाग ने पूर्व में इसका काम दिसंबर 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अभी तक इसका एक तिहाई काम ही हो पाया है। विभाग का लक्ष्य प्रथम चरण में आगामी मार्च तक वर्कशॉप शुरू करने का है।
अल्मोड़ा में परिवहन निगम का डिपो मालरोड में किराए के भवन में चल रहा है। यहां पर बसें खड़े रहने को पर्याप्त जगह नहीं है। यहां अधिकतम तीन बसें ही एक साथ खड़ी रह सकती हैं। इनके गंतव्य को जाने के बाद अन्य बसें डिपो पर आती हैं। लोगों की मांग पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने आईएसबीटी की मंजूरी दी। लोअर मालरोड में परिवहन निगम की वर्कशॉप समेत 83 नाली जमीन में आईएसबीटी का निर्माण 2016 में शुरू हुआ। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को आईएसबीटी के निर्माण का जिम्मा सौंपा। 16 करोड़ रुपये के सापेक्ष 5.78 करोड़ रुपये अवमुक्त भी किए।
यह कार्य दिसंबर 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक आईएसबीटी का एक तिहाई काम ही हुआ है। रिटेनिंग वाल, आईएसबीटी के दोमंजिले भवन में लेंटर पड़ गया है, जबकि डीजल यूनिट, गाड़ी धुलाई, प्लेटफार्म, बस अड्डा, प्रतीक्षालय, शौचालय, दुकानें, स्टाफ रूम आदि कार्य शेष हैं। ऐसे में आईएसबीटी का काम पूरा होने की उम्मीद नहीं है। परिवहन निगम के सहायक अभियंता पीके दीक्षित ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में सरकार ने आईएसबीटी के लिए दो करोड़ का प्राविधान किया है। आशा है कि शासन से सप्ताह भर के भीतर दो करोड़ रुपये निर्माण एजेंसी को अवमुक्त हो जाएंगे। विभाग का लक्ष्य मार्च 2019 तक आईएसबीटी की वर्कशाप को चालू करने का है। शेष कार्य अवशेष बजट मिलने के बाद पूरा किया जाएगा।