अल्मोड़ा। जिले के स्याल्दे ब्लॉक के अंतर्गत अनुसूचित जाति बहुल गांव उदयपुर अनेक बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। हालत यह है कि गांव तक सीसी मार्ग का निर्माण भी नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। उन्होंने समस्याओं का समाधान नहीं होने पर लोकसभा और पंचायती चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों ने कहा है कि तहसील स्तर पर अनुसूचित बहुल उदयपुर सबसे बड़ा गांव है। यह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का भी गांव है। ज्ञापन में कहा गया है कि आजादी के 71 वर्ष बाद भी सरकारों ने गांव की सुध नहीं ली। गांव में बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में न तो सीसी मार्ग बना है और न ही संपर्क सड़क बनाई गई है। ग्रामीण हर साल जनप्रतिनिधियों को समस्याएं बताते हैं, लेकिन किसी ने समस्याओं के समाधान का प्रयास नहीं किया। उन्होंने सरकार से बस्ती के लिए डेढ़ किमी संपर्क मार्ग बनाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हरि राम आर्य, रणजीत प्रसाद, दयावर्धन आर्य, त्रिभुवन , दीप चंद्र, किशन राम, प्रकाश राम लहरी, नारायण राम, नरेंद्र, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ जिला उपाध्यक्ष विशन आदि शामिल हैं।