अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की यहां हुई बैठक में वक्ताओं ने दो अक्तूबर 1994 को महात्मा गांधी के जन्मदिन पर हुए मुजफ्फरनगर कांड को समाज के लिए कलंक बताया। वक्ताओं ने कहा कि सरकारों ने भी दोषियों के पक्ष में रहकर न्यायालय को गुमराह किया और दोषियों को दंड देने की बजाए उनको प्रोन्नत किया।
उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि उस समय तत्कालीन सरकारों ने भी हिंसा का तांडव किया उससे आज तक राज्य की जनता भयभीत है।
जबकि उस दौरान लोग शांतिप्रिय ढंग से अलग राज्य के लिए आंदोलनरत थे। जिनमें महिलाएं भी थी। आंदोलनकारियों की हत्या और महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करने वालों को आज तक सजा नहीं हो पाई। बैठक में वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में दो अक्तूबर को चौघानपाटा में एकत्र होकर धरने में शामिल होने का आह्वान किया है। बैठक की अध्यक्षता आनंदी वर्मा और संचालन पीसी तिवारी ने किया। इस दौरान आनंदी मनराल, डॉ. केएस रावत, अनूप तिवारी, शशी उनियाल, भुवन जोशी, गोपाल, डीएल साह, ललित चौधरी, प्रकाश उनियाल, राजू गिरी, आशा सुयाल आदि मौजूद रहे। ब्यूरो